पुरी में खाजा कारोबार की अचानक जांच, श्रीमंदिर क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार खाद्य सामग्री पर कार्रवाई; दुकानदारों पर जुर्माना, घरेलू LPG सिलेंडरों की भी जांच

पुरी, ओडिशा — श्रीजगन्नाथ धाम पुरी में श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय खाजा की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। श्रीमंदिर के आसपास तथा शहर के अन्य हिस्सों में खाजा बेचने वाली दुकानों और इससे जुड़े निर्माण स्थलों पर संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने खाद्य पदार्थ तैयार करने की परिस्थितियों, स्वच्छता और आवश्यक नियमों के पालन की पड़ताल की।

अभियान के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की तैयारी और रखरखाव को लेकर खामियां सामने आईं। जांच टीम ने ऐसे खाजा को चिन्हित किया जिसे अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया गया था। संबंधित खाद्य सामग्री को उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोकते हुए नष्ट कराने की कार्रवाई की गई। नियमों के उल्लंघन के मामलों में संबंधित दुकानदारों से जुर्माना भी वसूला गया।

इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू खाजा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले LPG सिलेंडरों से जुड़ा रहा। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में घरेलू उपयोग के LPG सिलेंडर पाए गए। नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने ऐसे सिलेंडरों को जब्त कर लिया और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की।

कई विभाग एक साथ मैदान में

जांच अभियान को केवल खाद्य निरीक्षण तक सीमित नहीं रखा गया। पुलिस, खाद्य सुरक्षा विभाग, नागरिक आपूर्ति विभाग और नगरपालिका की प्रवर्तन टीम ने संयुक्त रूप से अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया।

पुरी सिटी डीएसपी रश्मि रंजन महापात्रा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में टीमों ने खाजा दुकानों के साथ-साथ उन स्थानों की भी जांच की जहां बड़े पैमाने पर खाजा तैयार किया जाता है। अधिकारियों ने निर्माण स्थल की सफाई, खाद्य पदार्थ रखने की व्यवस्था और कारोबार से संबंधित आवश्यक मानकों की स्थिति का जायजा लिया।

रिपोर्टों के अनुसार, शहर के श्रीकृष्ण सिनेमा लेन, बड़ा डांडा और स्वर्गद्वार जैसे इलाकों में खाजा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में रहे। कुछ स्थानों पर खाजा के भंडारण और पैकेजिंग से संबंधित व्यवस्थाओं को भी देखा गया।

खाजा की लोकप्रियता के साथ बढ़ी जिम्मेदारी

पुरी का खाजा धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार दोनों से जुड़ा हुआ है। श्रीमंदिर दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु अक्सर खाजा खरीदकर अपने साथ ले जाते हैं। यही वजह है कि इसके निर्माण और बिक्री में स्वच्छता का सवाल केवल स्थानीय व्यापार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा से जुड़ जाता है।

प्रशासन की इस कार्रवाई ने खाजा कारोबारियों के सामने यह स्पष्ट किया है कि पारंपरिक खाद्य उत्पाद की लोकप्रियता के साथ उसकी गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

कार्रवाई का व्यापक संदेश

ताजा अभियान को केवल छापेमारी के रूप में देखने के बजाय इसे पुरी में खाद्य कारोबार की निगरानी मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। तैयार खाजा की गुणवत्ता से लेकर निर्माण स्थल की स्वच्छता और ईंधन के इस्तेमाल तक अलग-अलग पहलुओं की जांच यह संकेत देती है कि प्रशासन उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर निगरानी बढ़ा रहा है।


पुरी का खाजा अपनी पारंपरिक पहचान के कारण देशभर में जाना जाता है। ऐसे में प्रशासन की ताजा कार्रवाई ने इस कारोबार के दूसरे पहलू—खाद्य सुरक्षा—को केंद्र में ला दिया है। श्रद्धालुओं तक पहुंचने वाले खाजा की गुणवत्ता, स्वच्छ निर्माण प्रक्रिया और नियमों के पालन की निगरानी अब कारोबार की प्रतिष्ठा के साथ-साथ उपभोक्ता सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

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