पांचवें संस्करण का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन; डिजाइन, घरेलू सप्लाई चेन, फैबलेस कंपनियों और AI-सक्षम तकनीकों को लेकर व्यापक रणनीति पर जोर
NEW DELHI — भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा अब केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए डिजाइन से लेकर उत्पादन, परीक्षण और घरेलू सप्लाई चेन तक एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया।
17 से 19 सितंबर तक आयोजित हो रहे इस तीन दिवसीय आयोजन का विषय “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” रखा गया है। इसमें वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग, निवेशक, नीति-निर्माता, शोधकर्ता, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2022 में शुरू हुए SEMICON India कार्यक्रम की अब तक की यात्रा का उल्लेख किया। इस यात्रा में शुरुआती नीतिगत तैयारियों से लेकर परियोजना योजना, पायलट लाइन और वाणिज्यिक उत्पादन तक के चरण शामिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की जटिलता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके लिए केवल फैब स्थापित करना पर्याप्त नहीं है। चिप डिजाइन, उपकरण निर्माण, परीक्षण और अन्य तकनीकी क्षमताओं को एक साथ विकसित करना भी आवश्यक है।
इसी क्रम में घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने को विशेष महत्व दिया गया। फैबलेस कंपनियों के विकास, स्वदेशी बौद्धिक संपदा तैयार करने और उभरती तकनीकों को सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया गया।
AI के तेजी से विस्तार के बीच सिलिकॉन फोटोनिक्स जैसे क्षेत्रों को भी भविष्य की डिजिटल अवसंरचना से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति में पारंपरिक चिप निर्माण के साथ डिजाइन, कनेक्टिविटी और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग जैसी क्षमताओं को शामिल करने की दिशा सामने आती है।
भारत सरकार ने जुलाई 2026 में Semicon 2.0 को मंजूरी दी थी, जिसके लिए ₹1,27,500 करोड़ का कुल बजटीय प्रावधान किया गया है। इसके छह प्रमुख स्तंभों में चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, मशीनों और सामग्रियों की क्षमता, नए फैब, प्रतिभा विकास तथा ATMP/OSAT क्षेत्र को मजबूत करना शामिल है।
SEMICON India 2026 में इसी व्यापक मूल्य श्रृंखला को प्रदर्शित किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोजन में 600 से अधिक प्रदर्शकों, 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी है।
भारत के लिए इस आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और सेमीकंडक्टर मांग दोनों में विस्तार के साथ घरेलू कंपोनेंट और सप्लाई चेन क्षमता विकसित करने की आवश्यकता बढ़ रही है। सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण को भी इस व्यापक औद्योगिक रणनीति का हिस्सा बनाया है।
SEMICON India 2026 की असली कहानी सिर्फ भारत में चिप बनाने की नहीं, बल्कि चिप के पीछे मौजूद पूरी औद्योगिक श्रृंखला खड़ी करने की है। डिजाइन और IP से लेकर फैब, पैकेजिंग, परीक्षण, उपकरण, सामग्री और AI-सक्षम तकनीकों तक विस्तार भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति को एक व्यापक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की दिशा में ले जा रहा है।

