मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 15 परियोजनाओं का किया लोकार्पण और 35 का शिलान्यास; मौसम निगरानी और आपदा प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
SAMBALPUR — पश्चिमी ओडिशा में विकास और आपदा प्रबंधन से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में संबलपुर में करीब ₹960 करोड़ की 50 परियोजनाओं को गति दी गई। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ राज्य के तीसरे डॉप्लर वेदर रडार का भी उद्घाटन किया।
संबलपुर स्थित गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 15 पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनकी कुल लागत लगभग ₹133.47 करोड़ है। इसके अलावा करीब ₹825.83 करोड़ की 35 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य, सड़क एवं भवन, मेगा लिफ्ट सिंचाई, लघु सिंचाई, खेल तथा ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनका उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विकास कार्यों को गति देना है।
पश्चिमी ओडिशा के लिए मौसम निगरानी में अहम विस्तार
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण नया डॉप्लर वेदर रडार रहा। यह ओडिशा में स्थापित तीसरा डॉप्लर रडार है और पश्चिमी ओडिशा में मौसम संबंधी निगरानी क्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रडार से वर्षा, मौसम की गतिविधियों और संभावित गंभीर मौसम परिस्थितियों से संबंधित अधिक सटीक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे संबलपुर, बरगढ़, झारसुगुड़ा और सुंदरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम पूर्वानुमान तथा चेतावनी प्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी में उपयोगी
संबलपुर क्षेत्र के लिए इस रडार का एक महत्वपूर्ण उपयोग हीराकुद जलाशय में पानी के प्रवाह और वर्षा की निगरानी से जुड़ा है। समय पर प्राप्त मौसम संबंधी आंकड़े बाढ़ प्रबंधन और संभावित आपदा परिस्थितियों से निपटने की तैयारी में प्रशासन के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज वर्षा जैसी घटनाओं के संबंध में शुरुआती चेतावनी उपलब्ध कराने में भी मौसम निगरानी प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
ओडिशा में लगातार मौसम संबंधी जोखिमों और चक्रवात एवं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के अनुभव को देखते हुए पश्चिमी क्षेत्र में इस तरह की तकनीकी क्षमता का विस्तार आपदा पूर्व चेतावनी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विकास परियोजनाओं और मौसम निगरानी ढांचे का यह विस्तार संबलपुर तथा आसपास के जिलों में बुनियादी ढांचे, कृषि, जल प्रबंधन और आपदा तैयारी से जुड़े कार्यों के लिए उपयोगी आधार तैयार कर सकता है।

