2026-27 सत्र के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू; उच्च शिक्षा विभाग ने कैंपस हिंसा के खिलाफ अपनाया जीरो टॉलरेंस रुख।
नाई भारत | 5 अक्टूबर 2026
भुवनेश्वर: लंबे अंतराल के बाद ओडिशा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य में 15 अक्टूबर 2026 को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा।
ओडिशा में छात्रसंघ चुनाव आखिरी बार 2017 में हुए थे और 2018 से यह प्रक्रिया बंद थी। अब उच्च शिक्षा विभाग ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रसंघ तथा अन्य छात्र संगठनों के पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अरविंद अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक

चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के कमिश्नर-कम-सचिव अरविंद अग्रवाल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्य के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार और पीजी काउंसिल के अध्यक्ष वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ कैंपस में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विद्यार्थियों के लिए शांतिपूर्ण चुनावी वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
कैंपस हिंसा पर जीरो टॉलरेंस
उच्च शिक्षा सचिव अरविंद अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की कैंपस हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन को चुनाव के दौरान सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि चुनावी गतिविधियों के कारण पढ़ाई और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो।
7 अक्टूबर को अधिसूचना, 9 को नामांकन
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनाव संबंधी औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
इसके बाद 9 अक्टूबर को उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैध उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।
15 अक्टूबर को मतदान होगा और नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों का 16 अक्टूबर को शपथ ग्रहण कराया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के आधिकारिक ई-डिस्पैच रिकॉर्ड में भी 2026-27 सत्र के लिए विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्रसंघ तथा अन्य छात्र संगठनों के चुनाव कराने संबंधी आदेश दर्ज है।

राजनीतिक दलों के प्रभाव पर रोक
छात्रसंघ चुनाव को विद्यार्थियों और कैंपस से जुड़े मुद्दों तक सीमित रखने के लिए कई दिशा-निर्देश भी लागू किए गए हैं।
उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को किसी राजनीतिक दल के समर्थन या आधिकारिक backing के आधार पर चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव प्रचार, खर्च और उम्मीदवारों की पात्रता से जुड़े नियम भी निर्धारित किए गए हैं।
वर्षों बाद कैंपस में लौटेगी चुनावी हलचल
करीब आठ साल के अंतराल के बाद छात्रसंघ चुनाव की घोषणा से राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
छात्र संगठन शिक्षा व्यवस्था, हॉस्टल, परीक्षा प्रणाली, कैंपस सुविधाओं, रोजगार और छात्र कल्याण जैसे मुद्दों को चुनावी बहस का हिस्सा बना सकते हैं।
हालांकि, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनावी प्रतिस्पर्धा को शांतिपूर्ण बनाए रखना होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का निर्देश इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
7 अक्टूबर को अधिसूचना और 9 अक्टूबर को नामांकन के साथ ओडिशा के कैंपस में छात्रसंघ चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। आठ साल बाद होने जा रहे ये चुनाव राज्य की छात्र राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखे जा रहे हैं।

