दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के साथ विकसित ओडिशा का संकल्प

जयदेव भवन में 111वीं राज्यस्तरीय जयंती; अंत्योदय और जनसेवा आधारित शासन पर जोर

भुवनेश्वर: राजधानी भुवनेश्वर के जयदेव भवन में राष्ट्रवादी चिंतक एवं जननायक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 111वीं राज्यस्तरीय जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनके विचारों और सामाजिक दर्शन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

समारोह के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ की अवधारणा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। भारतीय जीवन-मूल्यों, स्वदेशी आर्थिक सोच और सत्ता के विकेंद्रीकरण को लेकर उनके विचारों की प्रासंगिकता पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम में यह बात सामने रखी गई कि शासन का उद्देश्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना होना चाहिए। इसी संदर्भ में दीनदयाल उपाध्याय के ‘हर हाथ को काम, हर खेत को पानी’ के विचार को भी याद किया गया।

ओडिशा सरकार की ओर से अंत्योदय गृह योजना, औद्योगिक क्षेत्रों में दीनदयाल कर्मचारी आवास, ‘सुभद्रा’ और ‘समृद्ध किसान’ जैसे विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इन पहलों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

समारोह में वर्ष 2036 तक आत्मनिर्भर, समृद्ध और गौरवशाली ओडिशा के निर्माण के संकल्प को भी दोहराया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखने वाली दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा को सार्वजनिक जीवन और विकास की नीतियों से जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

NAI BHARAT |
25 सितंबर 2026