नाल्को के रिकॉर्ड लाभांश से केंद्र को ₹1,083 करोड़, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद बढ़ा विस्तार पर जोर

वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹2,112.12 करोड़ का लाभांश; कंपनी की कमाई के साथ ओडिशा में नई परियोजनाओं पर भी फोकस

नाई भारत | भुवनेश्वर/कोलकाता | 28 सितंबर 2026 , नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार को ₹1,083.06 करोड़ का लाभांश दिया है। कंपनी द्वारा वितरित कुल लाभांश ₹2,112.12 करोड़ रहा, जिसे नाल्को के इतिहास में अब तक का रिकॉर्ड लाभांश बताया गया है।

केंद्र सरकार नाल्को की प्रमुख हिस्सेदार है। इसलिए कंपनी के रिकॉर्ड लाभांश का बड़ा हिस्सा सीधे भारत सरकार के खाते में गया है। यह भुगतान ऐसे समय हुआ है जब नाल्को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ओडिशा में कई बड़े विस्तार कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

लाभांश के पीछे मजबूत मुनाफा

नाल्को ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹5,815.76 करोड़ का कर-पश्चात लाभ (PAT) दर्ज किया। कंपनी का परिचालन से राजस्व करीब ₹17,843 करोड़ रहा, जबकि EBITDA लगभग ₹8,613 करोड़ दर्ज किया गया।

वित्तीय प्रदर्शन के साथ कंपनी के उत्पादन आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहे। वर्ष के दौरान नाल्को ने करीब 77.01 लाख टन बॉक्साइट, 23 लाख टन एल्युमिना हाइड्रेट, 22.75 लाख टन कैल्साइंड एल्युमिना और 4.72 लाख टन एल्युमिनियम कास्ट मेटल का उत्पादन किया।

इन आंकड़ों ने कंपनी की कमाई और लाभांश क्षमता को मजबूत आधार दिया।

चार चरणों में हुआ लाभांश भुगतान

वित्त वर्ष के दौरान नाल्को ने तीन अंतरिम लाभांश और एक अंतिम लाभांश का भुगतान किया। तीन अंतरिम लाभांशों की कुल राशि ₹1,928.46 करोड़ रही, जबकि अंतिम लाभांश ₹183.66 करोड़ था।

इन सभी भुगतानों को मिलाकर वित्त वर्ष 2025-26 का कुल लाभांश ₹2,112.12 करोड़ तक पहुंच गया।

इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹1,083.06 करोड़ रही।

कोलकाता में लाभांश सौंपा गया

28 सितंबर को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नाल्को के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार के हिस्से का लाभांश केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी को सौंपा।

कार्यक्रम में खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र सहित मंत्रालय और नाल्को के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में ओडिशा के अंगुल एल्युमिनियम पार्क और कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं पर भी चर्चा हुई।

अब कमाई के साथ क्षमता बढ़ाने की चुनौती

नाल्को के लिए रिकॉर्ड लाभांश के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण उसकी विस्तार परियोजनाओं का है।

कंपनी ओडिशा में खनन, एल्युमिना रिफाइनिंग, एल्युमिनियम स्मेल्टिंग और कैप्टिव पावर क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। दामनजोड़ी रिफाइनरी के विस्तार, पोट्टांगी बॉक्साइट खदानों के विकास और अंगुल में अतिरिक्त स्मेल्टर तथा कैप्टिव पावर क्षमता जैसी परियोजनाएं कंपनी की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा हैं।

ओडिशा के लिए भी महत्वपूर्ण

नाल्को की अधिकांश प्रमुख उत्पादन परिसंपत्तियां ओडिशा से जुड़ी हैं। इसलिए कंपनी की वित्तीय मजबूती और प्रस्तावित निवेश का प्रभाव केवल शेयरधारकों तक सीमित नहीं है।

खनन, एल्युमिना और एल्युमिनियम उत्पादन से जुड़े विस्तार से राज्य में औद्योगिक गतिविधि, आपूर्ति श्रृंखला और संबंधित सेवाओं में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि इसका वास्तविक आर्थिक प्रभाव परियोजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

रिकॉर्ड लाभांश के साथ नई विकास योजना

नाल्को की मौजूदा स्थिति में एक तरफ रिकॉर्ड लाभांश के जरिए सरकार और अन्य शेयरधारकों को रिटर्न मिला है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े निवेश की तैयारी कर रही है।

कंपनी ने महत्वपूर्ण खनिजों, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और औद्योगिक अपशिष्ट के बेहतर उपयोग जैसे क्षेत्रों को भी अपनी भविष्य की रणनीति में शामिल किया है।

इस तरह वित्त वर्ष 2025-26 नाल्को के लिए केवल रिकॉर्ड लाभांश का वर्ष नहीं रहा। कंपनी के लिए अब मुख्य सवाल यह है कि मजबूत वित्तीय आधार को किस तरह नई क्षमता, खनिज संसाधनों और ओडिशा स्थित परियोजनाओं के विस्तार में बदला जाता है।