बाढ़ से हुए नुकसान और पुनर्निर्माण पर उच्चस्तरीय बैठक, ढांचागत बहाली तेज करने पर जोर

उपमुख्यमंत्री के. वी. सिंहदेव ने राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की समीक्षा

भुवनेश्वर: ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में नुकसान का तेजी से आकलन करने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा तेज कर दी है।

उपमुख्यमंत्री के. वी. सिंहदेव ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी तथा ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और जल संसाधन विभाग के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में बाढ़ से प्रभावित भौतिक एवं सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का शीघ्र आकलन करने और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर चर्चा हुई।

नुकसान का जल्द आकलन प्राथमिकता

बैठक में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नुकसान का वास्तविक आकलन तैयार करने पर जोर दिया गया। सड़क, बिजली, जल संसाधन तथा अन्य आवश्यक सार्वजनिक परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी जुटाकर प्राथमिकता के आधार पर बहाली की दिशा में आगे बढ़ने पर चर्चा हुई।

राज्य में हालिया भारी बारिश और गहरे दबाव के प्रभाव के दौरान सरकार ने पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और आपदा-प्रबंधन व्यवस्था मजबूत की थी। जल संसाधन विभाग द्वारा नदियों, जलाशयों और संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।

बाढ़ से 37 लाख से अधिक लोग प्रभावित

विधानसभा में गुरुवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि इस वर्ष ओडिशा में बाढ़ और भारी बारिश से 26 जिलों के 37,43,943 लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सात लोगों की मौत, 2.12 लाख हेक्टेयर फसल और 18,067 मकानों को नुकसान की जानकारी भी दी।

सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए विभिन्न विभागों ने परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं। सरकार के अनुसार, विभिन्न विभागों से संबंधित करीब ₹492.7 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ऊर्जा विभाग के लिए भी बिजली संबंधी बहाली और मरम्मत हेतु धनराशि जारी की गई है।

ऊर्जा और जल संसाधन पर विशेष ध्यान

बाढ़ के दौरान बिजली आपूर्ति और जल संसाधन ढांचे पर असर पड़ने की संभावना को देखते हुए ऊर्जा तथा जल संसाधन विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राज्य सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार कनक वर्धन सिंहदेव ऊर्जा विभाग के प्रभारी उपमुख्यमंत्री हैं, जबकि सुरेश पुजारी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग संभाल रहे हैं।

राहत से पुनर्निर्माण की ओर बढ़ता फोकस

सरकार का मौजूदा फोकस तत्काल राहत एवं आपदा प्रतिक्रिया के साथ-साथ क्षतिग्रस्त ढांचे की व्यवस्थित बहाली पर है। विभागीय स्तर पर नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

नाई भारत
24 सितंबर 2026 | भुवनेश्वर