भुवनेश्वर के महुल गांव में सनसनीखेज घटना; मदन पाढ़ी का एक हाथ उड़ा, DCP-ACP और साइंटिफिक टीम ने शुरू की जांच
भुवनेश्वर: घर में कथित तौर पर जंगली जानवरों के शिकार के लिए रखा गया विस्फोटक आखिरकार एक ही परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। भुवनेश्वर के चंदका थाना क्षेत्र के महुल गांव में दो भाइयों के बीच विवाद के बाद हुए बम हमले में बड़े भाई की मौत हो गई, जबकि छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतक की पहचान मोहन पाढ़ी के रूप में हुई है, जबकि गंभीर रूप से घायल छोटे भाई मदन पाढ़ी का एक हाथ विस्फोट में बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
घर में रखा था विस्फोटक, फिर भाइयों में हुआ विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बम रखा गया था।
इसी बीच दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद दोनों भाइयों ने एक-दूसरे पर बम से हमला किया।
हालांकि घटना का वास्तविक क्रम क्या था, बम किसने पहले इस्तेमाल किया और विवाद की मूल वजह क्या थी—इन सवालों की जांच अभी जारी है।
पुलिस सभी पहलुओं को जोड़कर घटना की पूरी तस्वीर सामने लाने में जुटी है।
एक भाई की मौत, दूसरे का हाथ उड़ा
विस्फोट में बड़े भाई मोहन पाढ़ी की मौत हो गई।
वहीं छोटे भाई मदन पाढ़ी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनका एक हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया।
घायल मदन को तत्काल इलाज के लिए भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए कटक के SCB मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया।
मौके पर पहुंचे DCP, ACP और साइंटिफिक टीम
घटना की सूचना मिलते ही चंदका थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भुवनेश्वर DCP, जोन-6 ACP और साइंटिफिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने क्राइम स्पॉट की बारीकी से जांच की और मौके से विभिन्न नमूने एकत्र किए।
जांच टीम विस्फोट के अवशेषों और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस्तेमाल किया गया विस्फोटक किस प्रकार का था और घटना वास्तव में किस क्रम में हुई।
शिकार के लिए बम रखने की बात बनी जांच का अहम पहलू
प्रारंभिक जांच में शिकार के लिए घर में बम रखे जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक कहां से आया, घर में कब रखा गया था, इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों भाइयों के बीच पहले से कोई विवाद था या घटना के समय अचानक विवाद बढ़ा।
क्राइम स्पॉट से जुटाए जा रहे साक्ष्य
साइंटिफिक टीम ने घटनास्थल से विभिन्न नमूने और अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए हैं।
इन साक्ष्यों की जांच के आधार पर विस्फोट की प्रकृति और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को समझने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस ने घटना को लेकर सभी संभावित कोणों से जांच शुरू कर दी है।
एक पारिवारिक विवाद ने बदल दी पूरे परिवार की तस्वीर
महुल गांव की यह घटना केवल एक बम विस्फोट की कहानी नहीं है। प्रारंभिक जांच में सामने आया पारिवारिक विवाद और घर में रखा विस्फोटक इस मामले को और गंभीर बना रहा है।
कुछ ही समय के विवाद के बाद एक भाई की जान चली गई, जबकि दूसरा भाई गंभीर हालत में अस्पताल पहुंच गया।
अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस है—विवाद की असली वजह क्या थी, बम कहां से आया, उसे घर में क्यों रखा गया और विस्फोट तक घटनाक्रम किस तरह पहुंचा।
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
फिलहाल मोहन पाढ़ी की मौत और मदन पाढ़ी के गंभीर रूप से घायल होने के बाद महुल गांव में तनाव और चिंता का माहौल है, जबकि चंदका पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।

