हेमंत सोरेन के जमीन मामले में अदालत ने तय किए आरोप, अब ट्रायल की ओर बढ़ेगा केस

रांची की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री ने आरोपों को खारिज किया; आगे गवाहों और साक्ष्यों की होगी जांच

नाई भारत | रांची | 1 अक्टूबर 2026

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े जमीन मामले में न्यायिक प्रक्रिया ने नया चरण शुरू कर दिया है। रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में सोरेन के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों की जांच की है।

अदालत की कार्यवाही में सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उनके वकील के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अभियोजन पक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं किया और उन्हें निराधार बताते हुए अपनी बेगुनाही कायम रखी।

आरोप तय किया जाना अदालत की ओर से दोष सिद्ध किया जाना नहीं है। अब मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष को अपने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत करने होंगे, जबकि बचाव पक्ष को उन दावों का जवाब देने और उन्हें चुनौती देने का अवसर मिलेगा।

इस मामले में कुल 17 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई है। अदालत पहले ही अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी थी और अब सोरेन के खिलाफ भी यह प्रक्रिया पूरी हो गई है।

सोरेन की ओर से मामले की कार्यवाही को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट का रुख भी किया गया था। हाईकोर्ट ने निचली विशेष अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की, जिसके बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

अब मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण साक्ष्यों और गवाहों की सुनवाई होगा। रिपोर्टों के अनुसार, आगे की सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित है।

मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।