प्रणब बलबंतराय पर हमले से गरमाई ओडिशा की राजनीति, नवीन पटनायक ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

पूर्व धर्मशाला विधायक पर कथित हमले की निंदा; बीजद अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई पर मांगा जवाब

भुवनेश्वर: ओडिशा के जाजपुर जिले में पूर्व धर्मशाला विधायक और बीजू जनता दल नेता प्रणब बलबंतराय पर कथित हमले को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। घटना को लेकर बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बताया गया है कि जेनापुर थाना क्षेत्र के मधुपुरगढ़ इलाके में बलबंतराय पर हमला हुआ। घटना के बाद विपक्ष ने इसे जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जोड़ते हुए राज्य सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

नवीन पटनायक ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए सवाल उठाया कि यदि पुलिस की मौजूदगी में किसी जनप्रतिनिधि पर कथित रूप से जानलेवा हमला हो सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा।

कानून-व्यवस्था पर विपक्ष का हमला

बीजद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि धर्मशाला सहित ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित कड़ी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अपराधियों को इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने का कथित साहस कहां से मिल रहा है और सरकार ऐसे मामलों में उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई क्यों नहीं कर रही।

हालांकि, हमले की पूरी परिस्थितियां, इसमें शामिल लोगों की पहचान, हमले के पीछे की वजह और पुलिस की आगे की कार्रवाई आधिकारिक जांच से ही स्पष्ट होगी। इसलिए फिलहाल राजनीतिक आरोपों और पुलिस जांच के तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

घटना बनी राजनीतिक मुद्दा

प्रणब बलबंतराय पर कथित हमला अब केवल एक स्थानीय घटना तक सीमित नहीं रह गया है। बीजद ने इसे राज्य की व्यापक कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।

नवीन पटनायक ने कहा कि ओडिशा की जनता घटनाक्रम पर नजर रख रही है और सरकार की कार्रवाई को भी देख रही है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठा रहा है।

अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं। सवाल यह है कि मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं तथा जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।

घटना ने एक बार फिर ओडिशा में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और कानून के प्रभावी अनुपालन को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

नाई भारत | 4 अक्टूबर 2026