ओडिशा में अगले 48 घंटे अहम, बंगाल की खाड़ी का सिस्टम दक्षिणी तट की ओर

चक्रवात की आधिकारिक पुष्टि नहीं; डीप डिप्रेशन बनने की संभावना, 23–24 सितंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा

भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय डिप्रेशन अब उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश तेज हो गई है और आने वाले दो दिनों में मौसम की स्थिति और गंभीर होने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह सिस्टम और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की शुरुआती घंटों के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच तट पार करने की संभावना है।

इस समय राज्य के लिए सबसे बड़ी चिंता तेज हवाओं से ज्यादा अत्यधिक बारिश और उससे पैदा होने वाली परिस्थितियां हैं।

23 और 24 सितंबर पर सबसे ज्यादा नजर

IMD के 22 सितंबर के ओडिशा चेतावनी बुलेटिन में 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश, जबकि 23 और 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 25 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है।

लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलजमाव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है।

दक्षिण ओडिशा पर विशेष नजर

दक्षिण और तटीय ओडिशा में प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने और भूस्खलन की आशंका भी बनी रह सकती है।

समुद्र में जाने पर रोक

ओडिशा के तटीय समुद्री क्षेत्र में बारिश और गरज-चमक के साथ समुद्र की स्थिति खराब होने का अनुमान है। IMD के तटीय बुलेटिन के अनुसार ओडिशा के सभी बंदरगाहों पर लोकल कॉशनरी सिग्नल नंबर-III लगाया गया है।

मछुआरों को खराब मौसम के दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

कई जिलों में स्कूल बंद

मौसम की गंभीर संभावना को देखते हुए कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम और गजपति समेत कई जिलों में शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित किया गया है।

सरकार ने बढ़ाई तैयारी

ओडिशा सरकार ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत किया है। आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखा गया है और संभावित बाढ़ एवं अन्य आपात स्थितियों वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई गई है।

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

क्या यह चक्रवात है?

फिलहाल आधिकारिक तौर पर इसे चक्रवात नहीं कहा गया है।

IMD के अनुसार वर्तमान सिस्टम एक डिप्रेशन है और इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। मौजूदा पूर्वानुमान में इसके विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच तट पार करने की बात कही गई है।

इसलिए सोशल मीडिया या अन्य स्रोतों में चल रही चक्रवात संबंधी अटकलों के बजाय लोगों को IMD के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करना चाहिए।

अब क्या करें लोग?

भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बाढ़ के पानी, तेज बहाव वाले नालों और नदियों के पास न जाएं। प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थान या आश्रय केंद्र में जाने का निर्देश मिले तो उसका पालन करें।

तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को समुद्र की स्थिति को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

अगले 48 घंटे ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण हैं। सिस्टम की दिशा और ताकत के साथ बारिश की स्थिति में भी बदलाव संभव है।

नाई भारत मौसम डेस्क | भुवनेश्वर