भुवनेश्वर में युवती से कथित दुष्कर्म मामले में बड़ा खुलासा, CCTV से आरोपी तक पहुंची पुलिस

26 वर्षीय युवती के साथ घर में कथित वारदात; पुलिस के मुताबिक चोरी के इरादे से घुसा था आरोपी, गिरफ्तारी के दौरान पैर में लगी गोली

नाई भारत | 4 अक्टूबर 2026

भुवनेश्वर: राजधानी भुवनेश्वर में 26 वर्षीय युवती से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय श्रीधर पांडा उर्फ संतोष के रूप में हुई है, जो गंजाम जिले के जगन्नाथप्रसाद का रहने वाला है।

घटना 30 सितंबर की रात नयापल्ली थाना क्षेत्र के गड़ा साही इलाके में युवती के किराए के मकान में हुई थी। शिकायत के मुताबिक एक नकाबपोश व्यक्ति घर में दाखिल हुआ और युवती को हथियार दिखाकर कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय उसकी बड़ी बहन घर पर मौजूद नहीं थी।

चोरी के इरादे से घर में घुसने का दावा

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर चोरी के इरादे से घर में दाखिल हुआ था। पुलिस के अनुसार दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं था। युवती की नजर आरोपी पर पड़ने के बाद उसने कथित रूप से उसे काबू में किया और वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने घटना के बाद युवती को किसी को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी और पीछे की ओर से दीवार पार कर फरार हो गया।

भागने का रास्ता भी जांच में आया सामने

वारदात के बाद आरोपी ने शहर से बाहर निकलने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक वह पहले बस में बैठा, फिर ऑटो से मार्केट बिल्डिंग पहुंचा और वहां से एक मोटरसाइकिल चोरी कर भागने की कोशिश की।

इसके बाद वह चकेइसियाणी स्थित अपने किराए के ठिकाने पर वापस गया। पुलिस ने उसके आवागमन का पता लगाने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों के CCTV फुटेज खंगाले।

जांच के दौरान 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज और तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया। इसी आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने चलाई गोली

पुलिस टीम ने शनिवार को भारतपुर-चंदका रोड के पास आरोपी को रोकने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक श्रीधर पांडा ने भागने की कोशिश करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर पर स्क्रूड्राइवर से हमला करने का प्रयास किया।

पुलिस का कहना है कि अधिकारी ने आत्मरक्षा में दो राउंड फायर किए। गोली आरोपी के पैर में लगी और उसे काबू में कर लिया गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई।

बंदूक असली थी या नकली?

मामले में एक और अहम तथ्य सामने आया है। पीड़िता ने शुरुआत में आरोपी द्वारा बंदूक दिखाकर धमकाने की बात कही थी। जांच के दौरान पुलिस ने एक ऐसी वस्तु बरामद की जिसे पुलिस के अनुसार पिस्तौल के आकार का लाइटर बताया गया है।

यानी आरोपी ने कथित तौर पर वास्तविक बंदूक के बजाय बंदूक जैसी दिखने वाली वस्तु का इस्तेमाल कर पीड़िता को डराया था।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं चोरी के मामले

पुलिस के अनुसार श्रीधर पांडा पहले भी संपत्ति संबंधी अपराधों में पकड़ा जा चुका है। वर्ष 2023 में खंडगिरी और तमांडो थानों में मोबाइल चोरी तथा घर में घुसकर चोरी से जुड़े मामलों में उसकी गिरफ्तारी हुई थी।

घटना के बाद ओडिशा राज्य महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए भुवनेश्वर DCP से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा था।

अब पुलिस की जांच का अगला चरण मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को मजबूत करना और अदालत में आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करना है।

भुवनेश्वर की इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा, रात के समय पुलिस गश्त और CCTV आधारित अपराध जांच की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।