नए कलेवर में Kalinga Studio से ओडिशा सिनेमा को नई दिशा, CM मोहन माझी ने किया लोकार्पण

आधुनिक फिल्म निर्माण सुविधाओं के साथ शुरू हुआ नया परिसर; सिनेमा की विरासत को सुरक्षित रखने के लिए आर्काइव और म्यूजियम भी शुरू।

नाई भारत | 5 अक्टूबर 2026

भुवनेश्वर: ओडिशा के फिल्म जगत के लिए सोमवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। राजधानी भुवनेश्वर में आधुनिक सुविधाओं से पुनर्विकसित कलिंग स्टूडियो का मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने औपचारिक लोकार्पण किया। इसी अवसर पर स्टूडियो परिसर में तैयार किए गए विशेष फिल्म आर्काइव और म्यूजियम की भी शुरुआत की गई।

नए रूप में तैयार कलिंग स्टूडियो को बदलती फिल्म तकनीक और डिजिटल दौर की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है। सरकार का उद्देश्य ओडिशा के फिल्म निर्माताओं को राज्य के भीतर ही शूटिंग से लेकर तकनीकी और पोस्ट-प्रोडक्शन कार्यों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

फिल्म निर्माण के कई चरण एक ही परिसर में

पुनर्विकसित स्टूडियो में फिल्म निर्माण की विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।

परिसर में इनडोर शूटिंग फ्लोर, स्नो हाउस, क्रोमा फ्लोर, टेक-जोन, साउंड रिकॉर्डिंग, डबिंग, एडिटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के कारण अब ओडिया फिल्म निर्माताओं को कई तकनीकी कार्यों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। भविष्य में स्टूडियो में आवश्यकतानुसार और अत्याधुनिक सुविधाएं जोड़े जाने की बात भी कही गई।

फिल्मों की विरासत को संभालेगा नया आर्काइव

कलिंग स्टूडियो के पुनर्विकास की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक सिनेमा आर्काइव और म्यूजियम है।

इसमें ओडिया सिनेमा से जुड़ी पुरानी फिल्मों, पोस्टरों, तस्वीरों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को संरक्षित करने की व्यवस्था की गई है।

इस पहल का उद्देश्य केवल पुरानी फिल्म सामग्री को सुरक्षित रखना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को ओडिया सिनेमा की यात्रा और उसके सांस्कृतिक योगदान से जोड़ना भी है।

युवाओं से अपनी मिट्टी की कहानियां कहने का आह्वान

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने युवा फिल्मकारों से ओडिशा की अपनी कहानियों और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सिनेमा के माध्यम से सामने लाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अभिनय, निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, एनीमेशन, साउंड डिजाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए कहानी लेखन जैसे क्षेत्रों में प्रतिभा मौजूद है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को मौलिक कहानियों, लोककथाओं, इतिहास और ओडिशा की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को आधार बनाकर नई फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

ओडिया सिनेमा के पुराने दौर को किया याद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ओडिया सिनेमा के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया।

उन्होंने 1950 और 1960 के दशक की फिल्मों तथा साहित्य और सिनेमा के बीच बने मजबूत संबंध को याद करते हुए ‘मां’, ‘अमड़ाबाट’ और ‘माटिर मणिष’ जैसी फिल्मों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि ओडिया साहित्य और स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन ने लंबे समय तक राज्य के सिनेमा को विशिष्ट पहचान दी है।

1980 में हुई थी कलिंग स्टूडियो की स्थापना

ओडिशा में फिल्म निर्माण को संस्थागत आधार देने के उद्देश्य से 1980 में कलिंग स्टूडियो की स्थापना की गई थी।

समय के साथ फिल्म निर्माण की तकनीक में तेजी से बदलाव आया। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं और बदलती तकनीकी जरूरतों के कारण पुराने ढांचे को आधुनिक रूप देने की आवश्यकता महसूस हुई।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए स्टूडियो का व्यापक पुनर्विकास किया गया है।

फिल्म उद्योग को आर्थिक अवसर के रूप में देखने की जरूरत

उद्योग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने पुनर्विकसित कलिंग स्टूडियो को आधुनिक फिल्म स्टूडियो कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किए जाने की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग को केवल मनोरंजन के क्षेत्र तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। इसके साथ रोजगार, तकनीकी कौशल, रचनात्मक पेशे और कई अन्य आर्थिक गतिविधियां जुड़ी हुई हैं।

इस दृष्टि से आधुनिक फिल्म infrastructure ओडिशा में एक व्यापक creative economy को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकता है।

OFDC का नया पोर्टल भी लॉन्च

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ओडिशा फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (OFDC) के नए आधिकारिक पोर्टल का भी उद्घाटन किया।

डिजिटल माध्यम के जरिए फिल्म उद्योग और संबंधित हितधारकों के लिए राज्य की फिल्म विकास गतिविधियों से जुड़ने का एक नया मंच उपलब्ध होगा।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

लोकार्पण कार्यक्रम में एकाम्र विधायक बाबू सिंह, दिगपहंडी विधायक सिद्धांत महापात्र और कोरेई विधायक आकाश दास नायक उपस्थित रहे।

इसके अलावा उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव हेमंत शर्मा तथा कलिंग स्टूडियो के प्रबंध निदेशक सुरेंद्र कुमार पांडा सहित अन्य अधिकारी और संबंधित प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

आधुनिक तकनीकी सुविधाओं, फिल्म विरासत के लिए संग्रहालय एवं आर्काइव और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की दिशा में किए गए इस बदलाव के साथ कलिंग स्टूडियो अब ओडिशा के फिल्म उद्योग के लिए एक नए दौर का आधार बनने की ओर बढ़ रहा है।