ओडिशा की विकास यात्रा में महिला शक्ति बनेगी बड़ी ताकत: प्रभाती परिडा

SHGs को ₹250.54 करोड़ की वित्तीय सहायता; ‘लखपति दीदी’ के विस्तार के साथ हरित उद्यमिता पर भी जोर

भुवनेश्वर: ओडिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय सहायता के साथ-साथ नए आजीविका और उद्यमिता मॉडल पर जोर देना शुरू किया है। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि आने वाले समय में राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महिला शक्ति निर्णायक भूमिका निभाएगी।

भुवनेश्वर स्थित मिशन शक्ति भवन में आयोजित कार्यक्रम में 1,79,809 स्वयं सहायता समूहों को ₹99.26 करोड़ की ब्याज वापसी प्रदान की गई। इसके साथ ही अलग-अलग सामुदायिक निधियों के माध्यम से ₹151.28 करोड़ की सहायता जारी की गई।

इस तरह कार्यक्रम के तहत SHGs और उनके सामुदायिक संगठनों के लिए कुल ₹250.54 करोड़ की वित्तीय सहायता का प्रावधान सामने आया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को ऐसी वित्तीय क्षमता उपलब्ध कराना है जिससे वे आजीविका गतिविधियों का विस्तार कर सकें, अपने उद्यम मजबूत कर सकें और अधिक संख्या में ‘लखपति दीदी’ तैयार हो सकें।

15,526 SHGs को रिवॉल्विंग फंड

वित्तीय सहायता के पैकेज में 15,526 SHGs के लिए ₹29.31 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड, 371 ग्राम पंचायत स्तरीय महासंघों के लिए ₹113.80 करोड़ का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड और 605 क्षेत्रीय मंचों के लिए ₹8.18 करोड़ का सुरक्षा फंड शामिल है।

रिवॉल्विंग फंड 29 जिलों के SHGs को दिया गया है। इसी तरह 26 जिलों के 371 ग्राम पंचायत स्तरीय महासंघों को कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड और 19 जिलों के 605 क्षेत्रीय मंचों को सुरक्षा निधि उपलब्ध कराई गई।

इसका उद्देश्य महिला समूहों की अपनी वित्तीय क्षमता बढ़ाना और उन्हें स्थानीय स्तर पर आजीविका एवं उद्यम गतिविधियों में निवेश के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है।

खोरधा की तीन SHGs को ब्याज वापसी

कार्यक्रम में खोरधा से आई महिला समूहों को भी चेक प्रदान किए गए।

मां चंचेलेई SHG को ₹38,927, साई राम SHG को ₹37,958 और साई उन्नति SHG को ₹37,847 की ब्याज वापसी प्राप्त हुई।

इसी प्रकार रिवॉल्विंग फंड के तहत कटक की ओम साई राम और हरि शंकर SHGs तथा जाजपुर की श्री सत्य साई और वैभव लक्ष्मी SHGs के प्रतिनिधियों को ₹30,000-₹30,000 के चेक दिए गए।

पुरी की अलगोम और गड़मोटारी ग्राम पंचायत स्तरीय महासंघों को क्रमशः ₹45 लाख और ₹35 लाख के कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के चेक मिले।

गंजाम की गुंडदुरिसाही और करडाबाणी क्षेत्रीय मंचों को सुरक्षा निधि के रूप में ₹1.50 लाख-₹1.50 लाख प्रदान किए गए।

2026-27 में ब्याज वापसी के लिए ₹575 करोड़

राज्य के 2026-27 के बजट में SHGs की ब्याज वापसी के लिए ₹575 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इस वित्तीय वर्ष में इससे पहले 24 जून 2026 को 2,88,198 SHGs को ₹147.77 करोड़ की ब्याज वापसी दी गई थी। नवीनतम ₹99.26 करोड़ को मिलाकर चालू वित्त वर्ष में अब तक दो चरणों में ₹247.03 करोड़ की ब्याज वापसी की जा चुकी है।

इसके अलावा 2026-27 के लिए SHGs को बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य ₹20,000 करोड़ निर्धारित किया गया है।

‘लखपति दीदी’ से ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप तक

कार्यक्रम में महिला आजीविका के क्षेत्र को नए क्षेत्रों से जोड़ने की पहल भी हुई।

Collective for Integrated Livelihood Initiatives (CINI) के साथ एक MoU पर हस्ताक्षर किया गया, जिसका उद्देश्य ‘लखपति दीदी’ पहल को और व्यापक बनाना है।

इसके साथ ही ओडिशा रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (OREDA) के साथ सहयोग समझौता किया गया। इसका फोकस महिला SHGs के बीच ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप और अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

इस पहल से ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ आजीविका के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।

SHGs को आर्थिक बदलाव का माध्यम बनाने की दिशा

कार्यक्रम में मिशन शक्ति की आयुक्त-सह-सचिव मानसी निंभाल, निदेशक डॉ. मोनिका प्रियदर्शिनी, SLBC Odisha के Convenor, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, OREDA और CINI के प्रतिनिधि तथा विभिन्न जिलों के अधिकारी और SHG सदस्य उपस्थित रहे।

सरकार की इन पहलों का व्यापक फोकस महिला समूहों को केवल सहायता प्राप्त करने वाले समूहों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आर्थिक गतिविधियों, स्थानीय निवेश, उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका के सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित करना है।

नाई भारत | ओडिशा
6 अक्टूबर 2026