संध्या आरती के दौरान घंटियों और शंखनाद की गूंज के साथ ओडिशा के प्रसिद्ध कंठ कलाकारों के भक्ति गीतों से मुक्तेश्वर मंदिर की प्राचीन पत्थर की दीवारें गूंज उठीं। इस भक्तिमय वातावरण के बीच हजारों महिलाओं ने एक साथ 11,000 से अधिक दीप प्रज्वलित किए, जिससे पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठा।
भुवनेश्वर के ऐतिहासिक मुक्तेश्वर मंदिर परिसर में धीरे-धीरे रोशनी का अद्भुत वातावरण बन रहा था। यह रोशनी किसी कृत्रिम विद्युत सजावट की नहीं, बल्कि हमारी परंपरा और संस्कृति की प्रतीक पवित्र दीपशिखाओं की थी। मंदिर परिसर में कतारों में हजारों दीप जगमगा रहे थे।

