दिल्ली से लौटे नवीन पटनायक, UPI-MDR मुद्दे पर पहली टिप्पणी से ओडिशा की राजनीति में फिर सक्रिय

दस दिन के दिल्ली प्रवास के बाद भुवनेश्वर पहुंचे BJD अध्यक्ष; छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों की सुरक्षा पर दिया जोर, लौटते ही राज्य के राजनीतिक विमर्श में आया नया मुद्दा

भुवनेश्वर — दिल्ली प्रवास के बाद Biju Janata Dal (BJD) अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक शुक्रवार को भुवनेश्वर लौट आए। उनके राजधानी लौटते ही राज्य की राजनीति में उनका अगला सार्वजनिक हस्तक्षेप चर्चा का विषय बन गया, खासकर Unified Payments Interface (UPI) के कुछ व्यापारी लेन-देन पर लागू होने वाले Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर।

भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान पटनायक ने छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा किए जाने की बात कही। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI व्यापारी भुगतानों पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR को लेकर व्यापारी संगठनों और कारोबारियों के बीच चिंता सामने आई है।

दिल्ली से वापसी, अब ओडिशा पर नजर

पटनायक 1 सितंबर को निजी कारणों से दिल्ली गए थे और लगभग दस दिनों के प्रवास के बाद शुक्रवार को ओडिशा लौटे। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनका दिल्ली दौरा मुख्य रूप से निजी प्रकृति का था।

हालांकि, उनकी वापसी के साथ BJD की राजनीतिक गतिविधियों और राज्य सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर पार्टी की आगामी रणनीति को लेकर ध्यान फिर भुवनेश्वर की ओर केंद्रित हो गया है।

BJD अध्यक्ष के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष के रूप में पटनायक की सार्वजनिक टिप्पणियां राज्य के राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।

एयरपोर्ट पर UPI बना पहला बड़ा मुद्दा

भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर वापसी के बाद पटनायक से जब UPI से जुड़े नए शुल्क ढांचे को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि दुकानदारों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए।

उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बड़े मूल्य के कुछ व्यापारी UPI भुगतानों पर MDR लागू करने के फैसले को लेकर चिंता जता रहे हैं। व्यापारी संगठनों का तर्क है कि सीमित मार्जिन पर काम करने वाले कारोबारियों के लिए अतिरिक्त भुगतान लागत एक चुनौती बन सकती है।

इस तरह, दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद पटनायक की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया ने किसी स्थानीय संगठनात्मक कार्यक्रम के बजाय एक राष्ट्रीय डिजिटल-पेमेंट नीति को ओडिशा के राजनीतिक विमर्श से जोड़ दिया।

MDR को लेकर केंद्र की स्थिति क्या है?

केंद्र सरकार ने UPI के नए ढांचे को लेकर यह स्पष्ट किया है कि सभी Person-to-Person यानी व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI लेन-देन मुफ्त रहेंगे।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतानों पर MDR नहीं लगेगा। छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित zero-MDR व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले भुगतान भी मुफ्त रहेंगे। सरकार के मुताबिक लगभग 96 प्रतिशत Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है और इसे सरकार या NPCI द्वारा सीधे संग्रहित नहीं किया जाता। यह डिजिटल भुगतान व्यवस्था में शामिल विभिन्न संस्थाओं के बीच वितरित किया जाता है।

विवाद का केंद्र बड़े व्यापारी लेन-देन

मौजूदा विवाद मुख्य रूप से ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी UPI भुगतानों पर प्रस्तावित MDR को लेकर है। रिपोर्टों के अनुसार नया ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने की योजना के साथ सामने आया है और सामान्य व्यापारी लेन-देन के लिए 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान किया गया है, जिसकी प्रति लेन-देन अधिकतम सीमा ₹300 है।

व्यापारी संगठनों ने इस लागत को लेकर चिंता जताई है, जबकि सरकार का पक्ष है कि ग्राहकों पर यह शुल्क सीधे नहीं डाला जाना चाहिए और UPI के बड़े हिस्से पर कोई शुल्क लागू नहीं होगा।

नवीन की वापसी का राजनीतिक संकेत

पटनायक की वापसी का तत्काल राजनीतिक महत्व उनके दिल्ली प्रवास के समाप्त होने से अधिक उनके अगले सार्वजनिक हस्तक्षेप में दिखाई देता है। एयरपोर्ट पर दिया गया छोटा-सा बयान सीधे छोटे व्यापारियों, डिजिटल भुगतान और उपभोक्ता हितों से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दे पर था।

BJD के लिए अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि पार्टी आने वाले दिनों में राज्य सरकार से जुड़े किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और नेता प्रतिपक्ष के रूप में पटनायक किस तरह सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया सामने रखते हैं।

उनकी वापसी के साथ BJD की संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी नजर रहेगी।

भुवनेश्वर लौटे, राजनीतिक फोकस भी लौटा

नवीन पटनायक का दस दिवसीय दिल्ली प्रवास समाप्त हो चुका है और BJD का शीर्ष नेतृत्व अब फिर ओडिशा में मौजूद है। उनकी वापसी के तुरंत बाद UPI-MDR मुद्दे पर सामने आया बयान यह संकेत देता है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, छोटे व्यापारी और आम उपभोक्ता जैसे विषय भी राज्य के राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकते हैं।

अब राजनीतिक नजर पटनायक के आगामी कार्यक्रमों, BJD की प्रतिक्रियाओं और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष की अगली भूमिका पर रहेगी।

न्यूज़ एडिटर: सनातन दलबेहरा
नाई भारत / 18 सितंबर 2026