मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यशोभूमि में ओडिशा पवेलियन का उद्घाटन किया; केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ सेमीकंडक्टर निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग पर चर्चा
नई दिल्ली — भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार के बीच ओडिशा ने अपनी रणनीति को केवल इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली तक सीमित रखने के बजाय सिलिकॉन कार्बाइड डिवाइस, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के व्यापक इकोसिस्टम की ओर बढ़ाया है।
SEMICON India 2026 के दौरान नई दिल्ली के यशोभूमि में ओडिशा ने अपने निवेश और तकनीकी अवसरों को वैश्विक उद्योग के सामने प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को ओडिशा पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे।
ओडिशा के प्रतिनिधिमंडल में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग और मुख्य सचिव अनु गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
वैष्णव के साथ सेमीकंडक्टर रोडमैप पर चर्चा
SEMICON India 2026 के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मुलाकात कर ओडिशा में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास और निवेश संभावनाओं पर चर्चा की।
इस बातचीत का महत्व इसलिए भी है क्योंकि ओडिशा अब भारत के उभरते सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में अपनी भूमिका को व्यापक बनाने की कोशिश कर रहा है। राज्य का फोकस सेमीकंडक्टर डिवाइस निर्माण के साथ-साथ पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, चिप डिजाइन और इससे जुड़े सहायक उद्योगों पर है।
सिलिकॉन कार्बाइड से शुरू हो रहा नया अध्याय
ओडिशा के सेमीकंडक्टर रोडमैप में SiCSem का Silicon Carbide semiconductor project एक प्रमुख परियोजना है। इसका उद्देश्य सिलिकॉन कार्बाइड आधारित सेमीकंडक्टर डिवाइस, जिनमें डायोड और MOSFET शामिल हैं, का निर्माण करना है।
सिलिकॉन कार्बाइड का इस्तेमाल पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई उच्च-प्रदर्शन वाले अनुप्रयोगों में किया जाता है। इस तरह की परियोजना ओडिशा को पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से आगे ले जाकर उन्नत पावर-सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जोड़ती है।
एडवांस्ड पैकेजिंग में भी ओडिशा की मौजूदगी
राज्य की दूसरी महत्वपूर्ण पहल खुर्दा के इन्फो वैली में 3D Glass Solutions की advanced packaging facility है।
ग्लास-सब्सट्रेट आधारित पैकेजिंग तकनीक से जुड़ी यह परियोजना सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के उस हिस्से को मजबूत करने की दिशा में है जो तैयार चिप को विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में उपयोग के लिए पैकेज करने से जुड़ा है।
SiCSem और 3D Glass Solutions जैसी परियोजनाओं के माध्यम से ओडिशा का मॉडल एक ही क्षेत्र पर निर्भर रहने के बजाय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने पर केंद्रित दिखाई देता है।
871 एकड़ का हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग पार्क
सेमीकंडक्टर रणनीति का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा प्रस्तावित 871 एकड़ का IT, semiconductor और electronics manufacturing park है।
इस प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को आधुनिक कनेक्टिविटी, इंटरनेट सुविधाओं और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। भुवनेश्वर और हवाई अड्डे से इसकी कनेक्टिविटी को भी निवेश आकर्षित करने के संभावित लाभ के रूप में देखा जा रहा है।
यदि यह औद्योगिक पार्क विकसित होता है, तो इससे केवल एक-दो परियोजनाओं के बजाय सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े सहायक उद्योगों के लिए भी औद्योगिक आधार तैयार हो सकता है।
ओडिशा का निवेश मॉडल अब हाई-टेक की ओर
SEMICON India 2026 में ओडिशा का निवेश संदेश राज्य की पारंपरिक औद्योगिक पहचान से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
राज्य सरकार अपने औद्योगिक बुनियादी ढांचे, नीति समर्थन, उपलब्ध भूमि, कुशल मानव संसाधन और उभरती सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को संभावित निवेशकों के सामने रख रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की सेमीकंडक्टर नीति अब केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। Semicon 2.0 के तहत चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर सामग्री और मशीनरी, फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च और प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों पर व्यापक ध्यान दिया जा रहा है।
रोजगार का फोकस भी हाई-स्किल
सेमीकंडक्टर निवेश का असर केवल पूंजी निवेश तक सीमित नहीं रहने वाला है। सिलिकॉन कार्बाइड, एडवांस्ड पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी परियोजनाओं के लिए इंजीनियरों, तकनीशियनों, शोधकर्ताओं, सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों और उपकरण संचालन से जुड़े प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।
ओडिशा के लिए यह क्षेत्र उच्च-कौशल रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर पैदा कर सकता है। इसी कारण राज्य की सेमीकंडक्टर रणनीति में निवेश के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जमीन से टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम तक
ओडिशा की मौजूदा रणनीति को व्यापक रूप से देखें तो इसका अगला चरण केवल औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने का नहीं, बल्कि भूमि, बुनियादी ढांचे, एंकर प्रोजेक्ट, तकनीकी साझेदारी, कुशल मानव संसाधन और सप्लायर नेटवर्क को एक साथ जोड़ने का है।
सबसे बड़ी चुनौती अब घोषित और स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से परिचालन सुविधाओं में बदलने की होगी। इसके साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन, सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, बिजली और अन्य औद्योगिक सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होगी।
SEMICON India 2026 ने ओडिशा को इस व्यापक रणनीति को राष्ट्रीय और वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के सामने रखने का मंच दिया है।
सिलिकॉन कार्बाइड से लेकर एडवांस्ड पैकेजिंग और प्रस्तावित हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग पार्क तक, ओडिशा अब भारत के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में अपनी भूमिका को कई स्तरों पर विस्तार देने की कोशिश कर रहा है।
न्यूज़ एडिटर: सनातन दलबेहरा
नाई भारत / 18 सितंबर 2026

