बांस से रोजगार और कारोबार की नई राह, भुवनेश्वर में विश्व बांस दिवस पर ‘बांस हाट’ की शुरुआत

आनंदवन में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने बांस आधारित उद्यमिता, ग्रामीण आजीविका और बाजार विस्तार की संभावनाओं पर जोर दिया

भुवनेश्वर — बांस को केवल पारंपरिक हस्तशिल्प तक सीमित रखने के बजाय उसे रोजगार, छोटे कारोबार और मूल्यवर्धित उत्पादों से जोड़ने की दिशा में ओडिशा ने एक और पहल की है। विश्व बांस दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर के कलिंग नगर स्थित आनंदवन में ‘बांस हाट’ का उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन ओडिशा बांस विकास एजेंसी (OBDA) की ओर से किया गया। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मंत्री ने अपने संबोधन में बांस की बहुउपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल निर्माण, फर्नीचर, हस्तशिल्प, लाइफस्टाइल उत्पादों, पैकेजिंग और खाद्य क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। उनके अनुसार, बांस आधारित गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ हरित अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकती हैं।

कारीगरों को बाजार से जोड़ने की पहल

आनंदवन में विकसित बांस हाट को ओडिशा फॉरेस्ट्री सेक्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बांस से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए कारीगरों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा छोटे कारोबारियों को एक निर्धारित मंच उपलब्ध कराना है।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष बाजार तक पहुंच को मजबूत करना है। बांस की खेती और उत्पाद निर्माण से जुड़े लोगों के लिए उत्पादन के साथ-साथ बिक्री और उपभोक्ताओं तक पहुंच भी महत्वपूर्ण है। बांस हाट इसी कड़ी को मजबूत करने की कोशिश के रूप में सामने आया है।

नए उत्पादों और डिजाइन पर भी जोर

विश्व बांस दिवस समारोह के साथ बांस उत्पाद नवाचार प्रतियोगिता 2026 भी आयोजित की गई। 17 और 18 सितंबर को आनंदवन में आयोजित इस प्रतियोगिता में ओडिशा के अलावा केरल, असम और दिल्ली से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न प्रकार के नए बांस उत्पादों और डिजाइनों को प्रदर्शित किया गया तथा विजेताओं को मुख्य कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान OBDA की गतिविधियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। इसमें बांस की खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े कार्यों को सामने रखा गया।

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

ओडिशा के Principal Chief Conservator of Forests एवं Head of Forest Force Dr. K. Murugesan, IFS कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। KONBAC के निदेशक Sanjeev Karpe तथा OBDA के State Mission Director Karthik V. सहित कई अधिकारी और बांस क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में बांस किसान, कारीगर, स्वयं सहायता समूह, उद्यमी, डिजाइनर, शोधकर्ता, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और कारोबारी क्षेत्र से जुड़े लोग भी उपस्थित रहे।

ओडिशा बांस विकास एजेंसी का व्यापक फोकस व्यावसायिक बांस खेती, मूल्य संवर्धन, प्रतिस्पर्धी उत्पाद क्लस्टर और बांस आधारित उद्योगों के विकास पर है। एजेंसी ग्रामीण तथा आदिवासी समुदायों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने और महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर भी जोर देती है।

भुवनेश्वर का यह आयोजन इस बात की ओर संकेत करता है कि ओडिशा में बांस को पारंपरिक उपयोग से आगे ले जाकर खेती, डिजाइन, प्रसंस्करण, बाजार और उद्यमिता से जोड़ने की कोशिश तेज हो रही है। आने वाले समय में ऐसे बाजार मंच बांस उत्पादों को स्थानीय स्तर से व्यापक उपभोक्ता बाजार तक पहुंचाने में भूमिका निभा सकते हैं।

नाई भारत | NAI BHARAT NEWS DESK
19 सितंबर 2026