चिप से सिस्टम तक: SEMICON India 2026 में भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा का बड़ा मंच

यशोभूमि में शुरू हुआ तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन; 52 देशों की भागीदारी के बीच डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम पर फोकस

नई दिल्ली — भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा अब केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रह गई है। देश में विकसित हो रहे चिप डिजाइन, पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और तकनीकी प्रतिभा के व्यापक इकोसिस्टम को वैश्विक उद्योग के सामने रखने के लिए SEMICON India 2026 का पांचवां संस्करण गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में शुरू हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। 17 से 19 सितंबर तक चल रहे इस आयोजन में सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े कंपनियों, निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, नीति-निर्माताओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी हो रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार सम्मेलन में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां और प्रतिनिधि शामिल हैं।

इस वर्ष सम्मेलन की थीम “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” रखी गई है। थीम से यह संकेत मिलता है कि भारत की रणनीति अब केवल फैब्रिकेशन क्षमता बनाने के बजाय चिप डिजाइन से लेकर तैयार इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर केंद्रित है।

‘SAND TO SILICON TO SYSTEMS’ से दिखाई गई पूरी वैल्यू चेन

SEMICON India 2026 की प्रमुख प्रस्तुतियों में “Sand to Silicon to Systems” Value Chain Experience शामिल है। इसके जरिए सेमीकंडक्टर उद्योग के अलग-अलग चरणों को एक साथ प्रदर्शित किया जा रहा है।

इसमें कच्चे माल और विशेष उपकरणों से लेकर चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक की प्रक्रिया को सामने रखा गया है।

सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय कंट्री पवेलियन, राज्यों की भागीदारी, स्टार्टअप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस और वर्कफोर्स डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।

जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को दर्शा रहे हैं।

वैश्विक सप्लाई चेन में साझेदारी पर नजर

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों के साथ राउंडटेबल बैठकें, तकनीकी सत्र और उद्योग-केंद्रित चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, महिला नेतृत्व और वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में सहयोग जैसे विषय भी एजेंडे में हैं।

इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि सेमीकंडक्टर उद्योग एक ऐसी वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भर करता है जिसमें डिजाइन, उपकरण, सामग्री, निर्माण, पैकेजिंग, टेस्टिंग और अंतिम इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम अलग-अलग देशों और कंपनियों से जुड़े हो सकते हैं।

2022 से शुरू हुई पहल का अगला चरण

भारत सरकार ने वर्ष 2022 में Semicon India Programme शुरू किया था। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में विनिर्माण क्षमता के साथ-साथ फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, डिजाइन और संबंधित क्षमताओं को विकसित करना है।

SEMICON India 2026 इसी व्यापक रणनीति के बीच आयोजित हो रहा है। इसलिए सम्मेलन में चर्चा का दायरा केवल नई फैक्ट्री लगाने तक सीमित नहीं है। निवेश, अनुसंधान, कुशल मानव संसाधन, तकनीकी साझेदारी और सपोर्टिंग इंडस्ट्रीज के विकास को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

सरकार, उद्योग और शोध जगत के बीच सेतु

SEMICON India 2026 का आयोजन India Semiconductor Mission, Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) और SEMI की संयुक्त भागीदारी से किया जा रहा है।

तीन दिवसीय सम्मेलन उद्योग और सरकार के बीच संवाद के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम कर रहा है।

19 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में नई साझेदारियों, निवेश प्रस्तावों, तकनीकी प्रदर्शनों और भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के अगले चरण से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी।

भारत की मौजूदा सेमीकंडक्टर रणनीति का व्यापक संदेश यही है कि भविष्य की प्रतिस्पर्धा केवल चिप बनाने में नहीं, बल्कि चिप डिजाइन से लेकर पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और पूरे सिस्टम इकोसिस्टम को विकसित करने की क्षमता में होगी।