तेज रफ्तार से नीचे आया मलबा, कई घर प्रभावित; कैमरे में कैद हुआ खौफनाक भूस्खलन
काठमांडू: नेपाल में एक बड़े भूस्खलन ने स्थानीय लोगों के बीच अचानक दहशत पैदा कर दी, जब आबादी के करीब पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा देखते ही देखते टूटकर नीचे आ गिरा। ढलान से तेजी से नीचे आते मलबे ने आसपास के घरों को अपनी चपेट में लिया और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागने पर मजबूर कर दिया।
घटना के दौरान बनाए गए वीडियो में आसपास रहने वाले लोगों की घबराई हुई आवाजें सुनाई देती हैं। कुछ ही क्षणों में पहाड़ी का हिस्सा तेजी से नीचे खिसकता दिखाई देता है और भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा ढलान से नीचे की ओर फैल जाता है।
कुछ सेकंड में बदला पूरा दृश्य
वीडियो में शुरुआत में पहाड़ी क्षेत्र सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अचानक ढलान का एक बड़ा हिस्सा टूटना शुरू होता है। मलबा तेजी से नीचे की ओर बढ़ता है और उसके रास्ते में आने वाले इलाके में खतरा पैदा हो जाता है।
स्थानीय लोगों के लिए सबसे भयावह स्थिति यह रही कि भूस्खलन उनके घरों के बेहद करीब हुआ। अचानक हुए इस घटनाक्रम ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
घरों के लिए बढ़ा खतरा
भूस्खलन के बाद आसपास के घरों और बस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए ढलान का इस तरह अचानक टूटना गंभीर खतरे का संकेत माना जा रहा है।
मलबे के नीचे कितने क्षेत्र या कितने घर प्रभावित हुए हैं, इसकी पूरी तस्वीर विस्तृत स्थानीय आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। शुरुआती दृश्य हालांकि भूस्खलन की तीव्रता को साफ तौर पर दिखाते हैं।
बारिश और कमजोर ढलानों पर बढ़ता जोखिम
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक पानी जमीन के भीतर जाने से ढलानों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है और कमजोर हिस्से अचानक खिसक सकते हैं।
ऐसी घटनाएं आबादी वाले पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष रूप से गंभीर खतरा पैदा करती हैं, क्योंकि घर और सड़कें अक्सर ढलानों के नजदीक बनी होती हैं।
कैमरे में कैद हुआ खतरे का पल
इस घटना का वीडियो अब लोगों का ध्यान खींच रहा है। रिकॉर्डिंग में पहाड़ी का हिस्सा अचानक टूटता और मलबा तेजी से नीचे आता दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद लोगों की आवाजों में भय साफ सुनाई देता है।
भूस्खलन का यह दृश्य एक बार फिर दिखाता है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक ढलानों के अस्थिर होने की स्थिति कितनी तेजी से बड़ा खतरा बन सकती है।
घटना में जनहानि और कुल संपत्ति नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने आने के बाद स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
नाई भारत | 28 सितंबर 2026

