सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, मजबूत डॉलर और महंगा कच्चा तेल बना दबाव का कारण

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका से बुलियन बाजार पर बढ़ा दबाव

देश के सर्राफा बाजार में 29 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत डॉलर, बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है।

नाई भारत | नई दिल्ली | 29 सितंबर 2026 , इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब ₹4,133 प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई और भाव लगभग ₹1,47,980 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी करीब ₹9,297 प्रति किलोग्राम टूटकर लगभग ₹2.23 लाख प्रति किलोग्राम रह गई।

अगस्त के अंत की तुलना करें तो सोने की कीमत में करीब ₹8,000-₹9,000 की कमी आई है। उस समय सोना लगभग ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास था। इसी तरह चांदी में भी करीब ₹14,000-₹15,000 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।

डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने के लिए महत्वपूर्ण दबाव का कारण बनी हुई है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा पड़ता है, जिससे मांग प्रभावित हो सकती है।

इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी निवेशकों का ध्यान ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की ओर खींचा है। सोना और चांदी ब्याज नहीं देते, इसलिए ऊंची यील्ड के माहौल में इन धातुओं पर दबाव बढ़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमत ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी मौजूदा बाजार समीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता देखा गया है। महंगा तेल वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाता है और इससे अमेरिकी मौद्रिक नीति लंबे समय तक सख्त रहने की आशंका मजबूत हो सकती है।

Fed की अगली चाल पर बाजार की नजर

सोने और चांदी में हालिया गिरावट के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति भी बाजार के केंद्र में है। 29 सितंबर की उपलब्ध बाजार रिपोर्टों में भविष्य में अतिरिक्त दर बढ़ोतरी की आशंका को कीमती धातुओं पर दबाव के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है। इसे 29 सितंबर को हुई नई 0.25 प्रतिशत की दर वृद्धि के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

वैश्विक बाजार में सोना हाल में सात सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंचा, हालांकि मंगलवार को इसमें कुछ सुधार भी देखा गया। इसके बावजूद मजबूत डॉलर, ऊंची यील्ड और महंगे तेल के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

चांदी में भी भारी बिकवाली

चांदी की कीमत में सोने की तुलना में भी तेज गिरावट देखने को मिली है। घरेलू बाजार में इसकी कीमत करीब ₹2.23 लाख प्रति किलोग्राम तक आ गई है। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में बिकवाली और ऊंची बॉन्ड यील्ड ने चांदी पर भी दबाव बढ़ाया है।

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक डॉलर, कच्चे तेल, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर निर्भर रह सकती है।