पोषण से स्वच्छता तक कई मुद्दे उठे; पुराने कचहरी भवन के संग्रहालय और प्रधानपट के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी चर्चा
देवगढ़, ओडिशा: देवगढ़ के सार्वजनिक गणेश पूजा महोत्सव में पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
कार्यक्रम में प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक पर्व स्थानीय समाज को केवल सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय जनहित से जुड़े विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों के पोषण और उनके स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण को लेकर परिवार, समाज और विभिन्न संस्थाओं के स्तर पर निरंतर प्रयास होना जरूरी है। उनके अनुसार, ऐसे विषयों पर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से लोगों के बीच संवाद को मजबूत किया जा सकता है।
स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर
देवगढ़ में स्वच्छता को लेकर भी प्रधान ने सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता बताई। उन्होंने मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों को साफ रखने के साथ-साथ प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने पर जोर दिया।
उन्होंने स्वच्छता अभियानों को केवल सरकारी व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उनका संदेश था कि सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है।
पर्यटन क्षमता को विकसित करने की पहल
कार्यक्रम में देवगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधान ने क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई।
उन्होंने देवगढ़ के पुराने कचहरी भवन को आधुनिक संग्रहालय के रूप में विकसित करने और प्रधानपट की प्राकृतिक एवं पर्यटन क्षमता को बेहतर तरीके से विकसित करने की बात कही। इन प्रस्तावों के जरिए क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक आकर्षण को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
देवगढ़ के विकास को लेकर सड़क, सिंचाई और अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ पर्यटन ढांचे को मजबूत करना भी स्थानीय विकास के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। प्रधान के संबोधन में इन विषयों को सामाजिक भागीदारी और स्थानीय जिम्मेदारी के साथ जोड़कर देखने की बात सामने आई।
स्थानीय भागीदारी पर फोकस
गणेश पूजा के अवसर पर दिए गए संदेश में देवगढ़ के विकास को केवल सरकारी योजनाओं का विषय न मानकर स्थानीय समाज की भागीदारी से आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया। पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, विरासत और पर्यटन जैसे अलग-अलग मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई गई।
देवगढ़ के गणेश उत्सव से सामने आया प्रमुख मुद्दा यह है कि सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों को स्थानीय विकास और सामाजिक जागरूकता के मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस दौरान उठाए गए छात्र पोषण, प्लास्टिक-मुक्त सार्वजनिक स्थान, पुराने कचहरी भवन के संभावित संग्रहालय रूपांतरण और प्रधानपट के पर्यटन विकास जैसे मुद्दे देवगढ़ की सामाजिक तथा पर्यटन क्षमता को लेकर व्यापक चर्चा का आधार बनते हैं।

