निर्वाचन आयोग की बैठक में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर मंथन

ज्ञानेश कुमार के साथ सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने की समीक्षा, मतदाता सूची और डिजिटल व्यवस्था पर भी चर्चा

नई दिल्ली: चुनावी प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए भारत निर्वाचन आयोग की बैठक शनिवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में हुई। बैठक दोपहर 3 बजे शुरू हुई, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी शामिल हुए।

बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़े निर्णयों, मतदाताओं के सत्यापन और पंजीकरण की व्यवस्था तथा चुनाव आयोग की डिजिटल प्रणाली से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई।

आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े विभिन्न चरणों में लिए गए निर्णय आयोग के तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं। अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए जारी कार्यक्रमों को भी इसी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया गया।

घर तक पहुंचेगी सत्यापन प्रक्रिया

जिन मतदाताओं के पुराने चुनावी रिकॉर्ड के सत्यापन में कठिनाई सामने आती है, उनके लिए प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

ऐसे मामलों में बूथ स्तर के अधिकारी मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आयोग की व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि सामान्य मामलों में लोगों को केवल दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए बार-बार चुनाव कार्यालय जाने की जरूरत न पड़े।

जहां सुनवाई आवश्यक होगी, वहां परिस्थितियों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

नए मतदाताओं के पंजीकरण पर भी जोर

बैठक में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को लगातार उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया। पहली बार मतदान के योग्य हो रहे युवाओं समेत अन्य पात्र नागरिक निर्धारित नियमों के अनुसार अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे।

मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्प डेस्क और विशेष नामांकन शिविरों की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म की तकनीकी समीक्षा

चुनाव आयोग के ECINET प्लेटफॉर्म को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। आयोग ने इसकी तकनीकी और संचालन व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का निर्णय लिया है।

समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त करेंगे। तकनीकी मूल्यांकन को स्वतंत्र दृष्टिकोण देने के लिए आईआईटी या आईआईआईटी से जुड़े विशेषज्ञ को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

प्रशासनिक पत्राचार पर आयोग ने दी स्थिति

बैठक में एक प्रतिनियुक्त अधिकारी से संबंधित प्रशासनिक विषय पर भी स्पष्टीकरण सामने आया। आयोग के अनुसार, संबंधित मामला किसी नई चुनावी नीति या आईटी व्यवस्था में नीतिगत बदलाव से जुड़ा नहीं था, बल्कि अधिकारी के प्रशासनिक कार्यों और जिम्मेदारियों से संबंधित था।

आयोग ने इस विषय में अपनी संस्थागत व्यवस्था और कार्य-विभाजन की स्थिति भी स्पष्ट की।

दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बदली

मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया को देखते हुए दिल्ली और महाराष्ट्र के लिए निर्धारित कुछ समयसीमाओं में बदलाव किया गया है।

दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तथा उनके निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 और उनके निपटारे की अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 रखी गई है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, एसआईआर की प्रक्रिया 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पूरी हो चुकी है। आयोग ने यह भी कहा कि पात्र नागरिकों के लिए मतदाता पंजीकरण की सुविधा संबंधित चुनावी नियमों के तहत जारी रहेगी।

शनिवार की बैठक में लिए गए निर्णयों और दिए गए स्पष्टीकरणों के जरिए आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, नागरिकों के सत्यापन और चुनावी तकनीकी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी स्थिति सामने रखी।

नाई भारत | NAI BHARAT
26 सितंबर 2026