71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ ओडिया फिल्म का सम्मान पाने वाली ‘लहरी’ की निर्माता झिलिक भट्टाचार्य ने दिखाया राष्ट्रीय सम्मान
भुवनेश्वर: ओडिया फिल्म जगत के लिए शनिवार का दिन उपलब्धि और सम्मान से जुड़ा रहा। 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ ओडिया फिल्म का सम्मान हासिल करने वाली फिल्म ‘लहरी’ की निर्माता झिलिक भट्टाचार्य ने आज सौजन्य मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार प्रस्तुत किया।
‘लहरी’ को मिला यह सम्मान ओडिया सिनेमा की रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान के रूप में सामने आया है। फिल्म की उपलब्धि ने कलाकारों, निर्देशक और पूरी निर्माण टीम के योगदान को भी चर्चा में ला दिया है।
क्षेत्रीय सिनेमा की राष्ट्रीय पहचान
भारतीय सिनेमा में अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों की कहानियां अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। ऐसे में ओडिया भाषा की किसी फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना राज्य के फिल्म क्षेत्र से जुड़े कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए विशेष महत्व रखता है।
‘लहरी’ की सफलता से ओडिया भाषा में बनने वाली फिल्मों और स्थानीय कहानियों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की संभावनाओं को भी बल मिला है।
पूरी टीम की मेहनत को सम्मान
किसी फिल्म की सफलता केवल उसके कलाकारों तक सीमित नहीं होती। पटकथा, निर्देशन, अभिनय, तकनीकी कार्य, निर्माण और पर्दे के पीछे काम करने वाले प्रत्येक सदस्य की भूमिका फिल्म को आकार देती है।
‘लहरी’ को राष्ट्रीय सम्मान मिलने के अवसर पर फिल्म के कलाकारों, निर्देशक, निर्माता और पूरी निर्माण टीम को शुभकामनाएं दी गईं। टीम के आगामी कार्यों के लिए भी सफलता की कामना की गई।
ओडिया कला-संस्कृति के लिए गौरव
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि को ओडिया कला और संस्कृति के लिए गौरवपूर्ण क्षण के तौर पर देखा जा रहा है। ‘लहरी’ की उपलब्धि ने यह भी रेखांकित किया है कि क्षेत्रीय भाषा में प्रस्तुत कहानियां राष्ट्रीय फिल्म मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
फिल्म की निर्माता झिलिक भट्टाचार्य की यह सौजन्य मुलाकात और राष्ट्रीय पुरस्कार का प्रदर्शन इसी उपलब्धि को साझा करने का अवसर बना। ‘लहरी’ की राष्ट्रीय पहचान ने ओडिया फिल्म जगत में नए उत्साह का माहौल बनाया है।
नाई भारत | NAI BHARAT
26 सितंबर 2026

