मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने मां समलेश्वरी का आशीर्वाद लेते हुए नुआखाई की शुभकामनाएं दीं; परिवार की खुशहाली, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा को बताया पर्व की विशेष
पश्चिमी ओडिशा के प्रमुख कृषि एवं सांस्कृतिक पर्व नुआखाई के अवसर पर मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने मां समलेश्वरी की कृपा से प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
हरिचंदन का संदेश नुआखाई की उस व्यापक भावना को सामने लाता है, जिसमें नई फसल के स्वागत के साथ परिवार, रिश्तों, आस्था और सामाजिक एकजुटता को भी विशेष महत्व दिया जाता है।
मां समलेश्वरी के आशीर्वाद की कामना
अपने नुआखाई संदेश में मंत्री ने मां समलेश्वरी की कृपा की कामना करते हुए कहा कि उनकी आस्था और आशीर्वाद से लोगों के घर-परिवार में खुशहाली बनी रहे।
पश्चिमी ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान में मां समलेश्वरी का विशेष स्थान है और नुआखाई के अवसर पर देवी के प्रति श्रद्धा पर्व की धार्मिक भावना को और मजबूत करती है।
परिवार की खुशहाली से जुड़ा पर्व
नुआखाई केवल नई फसल के स्वागत का पर्व नहीं है। यह परिवारों के एक साथ आने, बड़ों का आशीर्वाद लेने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी है।
‘नुआखाई जुहार’ की परंपरा सम्मान, अपनापन और सामाजिक सद्भाव का संदेश देती है। हरिचंदन के संदेश में भी परिवार की खुशहाली और सामूहिक सुख को प्रमुख स्थान दिया गया।
नई फसल से सांस्कृतिक पहचान तक
नुआखाई की जड़ें कृषि परंपरा से जुड़ी हैं। नई फसल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ यह पर्व लोगों को अपनी मिट्टी, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
पश्चिमी ओडिशा में नुआखाई के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाज, खान-पान, पारिवारिक मिलन और ‘जुहार’ की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक स्मृतियों को जीवित रखती है।
सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना
मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन के संदेश का केंद्र लोगों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना रही। उन्होंने मां समलेश्वरी से प्रार्थना करते हुए लोगों और उनके परिवारों के लिए अच्छे स्वास्थ्य तथा खुशहाल जीवन की शुभकामना दी।
नुआखाई के इस अवसर पर उनका संदेश पर्व के मूल भाव को सामने लाता है—नई फसल के साथ नई उम्मीद, परिवार के साथ खुशियां और परंपरा के साथ सांस्कृतिक एकता।
नुआखाई जुहार!

