ओडिशा भाजपा में संगठन की नई कवायद, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मिले केंद्रीय नेतृत्व के नेता

डी. पुरंदेश्वरी और डॉ. स्वदेश सिंह ने संगठन की स्थिति पर की चर्चा, जमीनी पकड़ मजबूत करने और स्थानीय चुनावों की तैयारी पर जोर

भुवनेश्वर: ओडिशा भाजपा में संगठन को और मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। पार्टी की नई प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी और सह-प्रभारी डॉ. स्वदेश सिंह के राज्य दौरे के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ और आगामी पंचायत एवं शहरी निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर चर्चा का दौर जारी है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के दोनों वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस मुलाकात को सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर फोकस

पुरंदेश्वरी और स्वदेश सिंह ने राज्य भाजपा के पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और अन्य संगठनात्मक नेताओं के साथ बैठक कर पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की।

भाजपा नेतृत्व का जोर संगठन को बूथ और पंचायत स्तर तक अधिक सक्रिय बनाने तथा सरकार और पार्टी संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने पर दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ हुई मुलाकात ने इस संगठनात्मक कवायद को एक अतिरिक्त राजनीतिक आयाम दिया है। सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को आगामी चुनावी तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है।

स्थानीय चुनावों की तैयारी बनी प्राथमिकता

आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को देखते हुए भाजपा के लिए संगठनात्मक मजबूती महत्वपूर्ण हो गई है। जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना पार्टी की रणनीति के प्रमुख हिस्से बनते दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा का सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहा है। इसके तहत विभिन्न संगठनात्मक और सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। 7 अक्टूबर को प्रस्तावित सेवा ज्योति कार्यक्रम भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है।

पुरंदेश्वरी की वापसी से बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

डी. पुरंदेश्वरी पहले भी 2020 से 2022 के बीच ओडिशा भाजपा की प्रभारी रह चुकी हैं। नई जिम्मेदारी के साथ उनकी वापसी ऐसे समय हुई है जब पार्टी राज्य में सरकार चलाने के साथ-साथ संगठन को भी चुनावी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री माझी से मुलाकात और राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकों से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी आने वाले महीनों में सरकार की उपलब्धियों और संगठन की जमीनी ताकत को एक साथ राजनीतिक अभियान में बदलने की तैयारी कर रही है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई प्रभारी टीम की रणनीति जिला और बूथ स्तर पर कितनी तेजी से लागू होती है और आगामी स्थानीय चुनावों में भाजपा इसका कितना राजनीतिक लाभ उठा पाती है।

नाई भारत | 4 अक्टूबर 2026