कुरुक्षेत्र में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत, घर-घर ‘आशीर्वाद दीया’ जलाने की अपील

नागरिक भागीदारी, जनसेवा और विकसित भारत के संदेश से जोड़ा गया अभियान; शाम 6 से 7 बजे तक दीप जलाने का आह्वान

कुरुक्षेत्र — सेवा, नागरिक भागीदारी और राष्ट्र निर्माण के संदेश के साथ कुरुक्षेत्र में गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई। अभियान के तहत लोगों से स्थानीय स्तर पर भागीदारी करने और सामूहिक रूप से विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ने की अपील की गई।

अभियान के एक प्रमुख कार्यक्रम के रूप में ‘आशीर्वाद दीया’ पहल रखी गई है। इसके तहत कुरुक्षेत्र के परिवारों से शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच अपने घरों में दीप जलाने का आग्रह किया गया।

आयोजकों के अनुसार, दीप जलाने की यह पहल किसी औपचारिक कार्यक्रम के बजाय परिवारों को अभियान से जोड़ने वाली प्रतीकात्मक गतिविधि के रूप में रखी गई है। इसका उद्देश्य नागरिक भागीदारी और सामुदायिक एकजुटता का संदेश देना है।

सेवा और राष्ट्र निर्माण पर जोर

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से आयोजकों ने सार्वजनिक सेवा, नागरिक सहभागिता और देश के विकास में सामूहिक योगदान के विचार को सामने रखा है।

अभियान का संदेश ‘विकसित भारत’ की व्यापक अवधारणा से भी जोड़ा गया है। आयोजकों का कहना है कि देश के विकास में सरकार के साथ नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

अभियान का स्थानीय संदेश इस पंक्ति के माध्यम से सामने रखा गया है—

“एक दीया, एक संकल्प — पूरा कुरुक्षेत्र एक साथ।”

मोदी के सार्वजनिक जीवन की 25 वर्ष की यात्रा का उल्लेख

अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया गया है। आयोजकों और समर्थकों ने उनकी सार्वजनिक भूमिका को सेवा और दीर्घकालिक विकास के संदेश से जोड़ते हुए अभियान को इससे संबंधित बताया है।

हालांकि, अभियान का स्थानीय कार्यक्रम मुख्य रूप से नागरिकों की भागीदारी, दीप प्रज्ज्वलन और सामुदायिक संदेश पर केंद्रित है।

घरों से जुड़ने की कोशिश

‘आशीर्वाद दीया’ पहल के जरिए अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। शाम के निर्धारित एक घंटे में परिवारों से दीप जलाने का आह्वान इस कार्यक्रम को सामूहिक नागरिक भागीदारी का स्वरूप देने के लिए किया गया है।

आयोजकों का कहना है कि छोटे स्तर की ऐसी भागीदारी भी सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण जैसे व्यापक विचारों से लोगों को जोड़ सकती है।

कुरुक्षेत्र में शुरू किया गया यह अभियान अब स्थानीय स्तर पर नागरिक भागीदारी और सामुदायिक गतिविधियों के जरिए अपना संदेश पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।

न्यूज़ एडिटर: सनातन दलबेहरा
नाई भारत / 18 सितंबर 2026