अमेरिका पहुंचे शी जिनपिंग, ट्रंप ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत; व्यापार से AI और ताइवान तक अहम मुद्दे

तीन दिवसीय स्टेट विजिट में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम, व्हाइट हाउस वार्ता और स्टेट डिनर पर दुनिया की नजर

भारत | : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिवसीय स्टेट विजिट पर अमेरिका पहुंच चुके हैं। 23 सितंबर को एयर चाइना के विमान से वॉशिंगटन पहुंचे शी जिनपिंग का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया।

यह यात्रा एक दशक से अधिक समय बाद शी जिनपिंग की वॉशिंगटन की पहली स्टेट विजिट है। ऐसे समय में यह दौरा हो रहा है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा जारी है, जबकि दोनों पक्ष उच्चस्तरीय बातचीत के जरिए संबंधों में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

एयरपोर्ट पर विशेष स्वागत

शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के विमान से उतरते ही ट्रंप दंपती ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट, सम्मान गार्ड, दोनों देशों के राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी सहित कई औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अमेरिकी बच्चों ने शी और पेंग को फूल भी भेंट किए। आगमन समारोह के दौरान सैन्य फ्लाईओवर भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा।

व्हाइट हाउस में भव्य स्वागत समारोह

24 सितंबर को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्टेट अराइवल सेरेमनी आयोजित की गई। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस कार्यक्रम में अमेरिकी सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 479 सैन्यकर्मी शामिल हैं।

कार्यक्रम में दोनों नेताओं के संबोधन, सैन्य प्रदर्शन और हवाई फ्लाईओवर शामिल हैं। इसमें B-2 Spirit और चार F-22 Raptors के फ्लाईओवर की योजना भी बताई गई है।

ट्रंप-शी वार्ता में क्या-क्या मुद्दे?

व्हाइट हाउस में दोनों राष्ट्राध्यक्षों की बातचीत इस यात्रा का मुख्य राजनीतिक और कूटनीतिक हिस्सा है।

अमेरिका और चीन के संबंधों में व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण बने हुए हैं। पिछली अवधि में दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तीखा विवाद हुआ था, जिसके बाद कुछ क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए समझौते किए गए।

व्यापार और टैरिफ पर नजर

दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में टैरिफ, बाजार पहुंच, रणनीतिक वस्तुओं और दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।

मौजूदा व्यापार व्यवस्था की अगली समयसीमा नवंबर में है। ऐसे में यह यात्रा दोनों देशों के लिए आर्थिक संबंधों के अगले चरण पर बातचीत का अवसर भी प्रदान कर रही है।

AI और सेमीकंडक्टर की प्रतिस्पर्धा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीक अब अमेरिका-चीन संबंधों के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो चुके हैं।

अमेरिका ने उन्नत AI चिप और अन्य रणनीतिक तकनीकों से संबंधित निर्यात प्रतिबंध लगाए हैं। चीन ने इन कदमों की आलोचना की है। दोनों देश AI क्षेत्र में तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रभाव बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

AI से जुड़े सुरक्षा जोखिम और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव को लेकर भी दोनों देशों के बीच चर्चा की संभावनाएं हैं।

ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दों में

ताइवान अमेरिका और चीन के बीच सबसे संवेदनशील रणनीतिक मुद्दों में से एक है।

बीजिंग ताइवान को चीन का हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान के साथ अपने संबंध बनाए रखता है और अमेरिकी कानून के तहत उसे रक्षा संबंधी सहायता प्रदान करता है। इसी वजह से ताइवान का मुद्दा दोनों देशों की उच्चस्तरीय वार्ताओं में लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।

ईरान का मुद्दा भी चर्चा में

मध्य-पूर्व की स्थिति और ईरान के साथ चीन के आर्थिक संबंध भी अमेरिका-चीन बातचीत के व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ का हिस्सा हैं।

अमेरिकी पक्ष चीन के ईरान के साथ संबंधों को लेकर सवाल उठा चुका है, जबकि बीजिंग तेहरान के साथ अपने आर्थिक संबंधों को जारी रखता है। इस मुद्दे पर वार्ता में क्या चर्चा होती है, यह विशेष रूप से निगरानी में रहेगा।

व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर

शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के सम्मान में गुरुवार शाम व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में स्टेट डिनर आयोजित किया जा रहा है।

व्हाइट हाउस के अनुसार, इसमें दोनों देशों के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ सरकार और व्यापार जगत के प्रमुख लोग शामिल होंगे। डिनर का मेन्यू अमेरिकी सामग्री पर आधारित है, जिसमें चीनी पाक परंपरा का प्रभाव भी शामिल किया गया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी यात्रा का हिस्सा

मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन के लिए Smithsonian National Museum of Asian Art का कार्यक्रम रखा गया है। यह यात्रा अमेरिका और चीन के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक संपर्कों को भी कार्यक्रम में स्थान देती है।

शुक्रवार को National Archives का दौरा

शी जिनपिंग की यात्रा का अंतिम चरण शुक्रवार को होगा। व्हाइट हाउस के कार्यक्रम के अनुसार, ट्रंप और मेलानिया ट्रंप सुबह शी और पेंग से मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोनों दंपती National Archives जाएंगे, जहां अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज और अभिलेख देखे जाएंगे।

यहीं पर अमेरिकी राष्ट्रपति दंपती चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को विदाई देंगे।

दुनिया की नजर वार्ता के नतीजों पर

शी जिनपिंग की यह यात्रा केवल औपचारिक राजकीय समारोहों तक सीमित नहीं है। व्यापार, AI, सेमीकंडक्टर तकनीक, ताइवान और ईरान जैसे मुद्दे अमेरिका-चीन संबंधों के अलग-अलग आयामों को प्रभावित करते हैं।

दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधा संवाद जारी रहना भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण पहलू है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की घोषणाएं यह बताएंगी कि बातचीत से किन क्षेत्रों में व्यावहारिक सहमति बनती है और किन मुद्दों पर मतभेद कायम रहते हैं।

नाई भारत
24 सितंबर 2026