केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शुरू की पहल, स्वच्छता तकनीक, स्टार्टअप और रीसाइक्लिंग को भी अभियान से जोड़ा
नाई भारत | नई दिल्ली | 29 सितंबर 2026 , केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को PRAGATI-50 पहल की शुरुआत की। इसके तहत देश के 24 राज्यों के 50 शहरों को बेहतर शहरी स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
यह पहल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। इसमें शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को केवल नियमित सफाई तक सीमित रखने के बजाय ठोस कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन, स्वच्छता सेवाओं, तकनीकी निगरानी और नागरिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में मापने योग्य सुधार पर जोर दिया गया है।
स्वच्छता में तकनीक और नवाचार पर जोर

कार्यक्रम के दौरान CSIR-CMERI के सहयोग से स्वच्छ भारत टेस्ट बेड एवं इनोवेशन सेंटर की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य स्वच्छता से जुड़ी नई तकनीकों पर अनुसंधान, उत्पाद विकास, परीक्षण, सत्यापन, प्रमाणन और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।
स्वच्छता क्षेत्र में स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाने के लिए IIT कानपुर के सहयोग से Swachh Startups के तीसरे बैच को भी शामिल किया गया। यह पहल मिशन के तहत 75 स्टार्टअप को जोड़ने और उन्हें इनक्यूबेट करने के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ी है।
रीयूज और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा
नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में Reduce, Reuse and Recycle (RRR) Centre का भी उद्घाटन किया गया। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में संसाधनों के पुन: उपयोग, कचरे से संसाधन की रिकवरी और टिकाऊ उपभोग की आदतों को बढ़ावा देना है।
इसके साथ ही Swachh Vyavhar Parivartan Digital Fund की शुरुआत की गई, जिससे स्वच्छता अभियान में नागरिकों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
हर दो महीने में प्रगति की समीक्षा
PRAGATI-50 में तकनीक आधारित निगरानी और परिणामों के आधार पर मूल्यांकन को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। चयनित शहरों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि वह इन शहरों की प्रगति पर हर दो महीने में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों से सूक्ष्म स्तर की कार्ययोजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया गया है। सरकार का उद्देश्य चयनित शहरों में ऐसे स्थायी स्वच्छता मॉडल विकसित करना है, जिन्हें भविष्य में अन्य शहर भी अपना सकें।
PRAGATI-50 के जरिए शहरी स्वच्छता को केवल अभियान आधारित गतिविधि के बजाय निरंतर निगरानी, तकनीकी नवाचार, बेहतर कचरा प्रबंधन और नागरिक भागीदारी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। 50 चयनित शहर इस दिशा में प्रदर्शन मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे।

