SIR को लेकर CJP ने उठाए सवाल; मतदाता सूची, Form 6 और चुनावी डेटा के प्रबंधन पर मांगी अधिक पारदर्शिता
नई दिल्ली: कॉकroach जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार को 48 घंटे की समयसीमा तय की। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि तय समय में इस्तीफा नहीं होने पर देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
CJP ने यह मांग मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठे विवाद और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई सवालों के बीच रखी है।
SIR प्रक्रिया पर CJP के सवाल
CJP ने आरोप लगाया है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं। संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया किस तरह संचालित की जा रही है।
संगठन ने नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6, मतदाता सूची के डेटा तक पहुंच और चुनावी सॉफ्टवेयर के केंद्रीकरण से जुड़े मुद्दों पर भी पारदर्शिता की मांग की है।
दो निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट
CJP की घोषणा ऐसे समय आई है जब Indian Express की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर मतदाता सूची, नाम जोड़ने-हटाने, Form 6 और चुनावी डेटा प्रबंधन से संबंधित फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
इस रिपोर्ट के बाद निर्वाचन आयोग के आंतरिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हुई है।
निर्वाचन आयोग का पक्ष अलग
निर्वाचन आयोग ने आंतरिक मतभेद या संस्थागत टूट की व्याख्या को स्वीकार नहीं किया है। आयोग के अनुसार, सदस्यों की लिखित टिप्पणियां, सुझाव और तकनीकी आपत्तियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।
ECI ने कहा है कि SIR समेत आयोग के सभी अंतिम फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के साथ सर्वसम्मति से लिए गए।
इस तरह CJP द्वारा उठाए गए सवालों और आयोग की आधिकारिक स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर सामने आया है।
CJP की प्रमुख मांगें
CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
संगठन ने SIR के दौरान आगे होने वाली मतदाता सूची से जुड़ी कटौतियों को रोकने, सत्यापन तक जनवरी 2025 की मतदाता सूची को आधार बनाने तथा संबंधित रिकॉर्ड को स्वतंत्र निगरानी में रखने की मांग भी उठाई है।
इसके साथ ही CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित मौजूदा कानूनी व्यवस्था में बदलाव की मांग की है।
देशव्यापी अभियान का ऐलान
CJP ने “Election Commission Thik Karo” नाम से देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं होने पर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए जाएंगे और दिल्ली में भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
अब इस 48 घंटे की समयसीमा के बाद CJP की अगली कार्रवाई और निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। फिलहाल CJP के आरोप और मांगें संगठन का पक्ष हैं, जबकि निर्वाचन आयोग SIR से जुड़े अंतिम निर्णयों को सर्वसम्मत और संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिया गया बताता है।
नाई भारत , 24 सितंबर 2026

