गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री ने संकट के समय लिए गए त्वरित फैसलों और मानवीय संवेदना को रेखांकित किया
नाई भारत | नई दिल्ली | 2 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन स्मित माछर से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की और गंभीर संकट के दौरान उनके साहस, धैर्य तथा तेजी से लिए गए फैसलों की सराहना की।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने बातचीत की शुरुआत कैप्टन माछर के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेकर की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहद कम समय में महत्वपूर्ण निर्णय लेना और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना असाधारण परिस्थिति में जिम्मेदारी और सूझबूझ का परिचय है।
इस घटना के दौरान कैप्टन माछर स्वयं गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान इसी पहलू को विशेष रूप से रेखांकित किया।
गांधी जयंती पर अहिंसा से जोड़ा गया प्रसंग
प्रधानमंत्री और कैप्टन माछर की बातचीत 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन हुई। इस अवसर पर मोदी ने कैप्टन के कार्यों को महात्मा गांधी के अहिंसा के व्यापक विचार से जोड़ते हुए कहा कि दूसरों की जान बचाने के लिए खतरे का सामना करना मानव जीवन के प्रति सम्मान का उदाहरण है।
इससे एक दिन पहले भी प्रधानमंत्री ने कैप्टन माछर के साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने कहा था कि कैप्टन के साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
कैप्टन माछर के साहस की देशभर में चर्चा
फ्लाईदुबई की उड़ान से जुड़ी गंभीर हवाई घटना के बाद कैप्टन स्मित माछर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है। सरकारी बयानों में संकट की घड़ी में उनके फैसलों और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दिखाई गई दृढ़ता का उल्लेख किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन माछर के शीघ्र स्वस्थ होने और बेहतर स्वास्थ्य की कामना भी की है।
गांधी जयंती के दिन हुई इस बातचीत ने साहस, करुणा और मानव जीवन की रक्षा जैसे मूल्यों को एक समकालीन घटना के साथ जोड़ दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने 2 अक्टूबर की इस वीडियो बातचीत की तस्वीरें भी जारी की हैं।

