ओडिशा सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल, लोकप्रिय ओड़िया कहावत के जरिए साधा निशाना
भुवनेश्वर | 2 अक्टूबर 2026
गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर पूरे ओडिशा में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बीच राज्य की राजनीति में बयानबाजी भी तेज रही। बीजद नेता सुजाता राउत पांडियन ने सरकार की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए एक लोकप्रिय ओड़िया कहावत का इस्तेमाल किया।
सुजाता ने कहा, “खजूर के पेड़ का क्या गुण गाऊं, जड़ से ही सीढ़ी-सीढ़ी।” उनके इस कथन को सरकार के कामकाज और नीतिगत फैसलों पर उनकी राजनीतिक आपत्ति के रूप में देखा जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ओडिशा सहित देशभर में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, शांति और जनसेवा के विचारों को याद किया जा रहा है।
भुवनेश्वर स्थित ओडिशा विधानसभा परिसर में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, उपमुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव और प्रवती परिडा सहित मंत्रियों और विधायकों ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा और रामधुन का भी आयोजन हुआ।
खनिज अधिकार का मुद्दा भी बना राजनीतिक आधार
सुजाता राउत पांडियन पिछले दिनों MMDR Amendment Act, 2026 को लेकर भी सरकार और भाजपा पर सवाल उठाती रही हैं। उनका राजनीतिक तर्क है कि खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार और राजस्व के मामले में ओडिशा के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा है कि संशोधन का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, बेहतर उपयोग, औद्योगिक विकास, रोजगार और राजस्व को बढ़ावा देना है।
इस तरह MMDR कानून को लेकर बीजद और भाजपा के बीच अलग-अलग राजनीतिक दावे और व्याख्याएं सामने आ रही हैं।
गांधी जयंती के दिन क्यों महत्वपूर्ण है बयान?
इस वर्ष देश महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मना रहा है। गांधी जयंती के अवसर पर सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, शांति, स्वदेशी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने जैसे विचारों पर जोर दिया गया।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी गांधीजी के सत्याग्रह, असहयोग, स्वच्छता और स्वदेशी के विचारों को याद किया तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की बात कही।
इसी माहौल में सुजाता का सरकार पर यह तंज राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। उनका बयान शासन, जवाबदेही और ओडिशा के हितों से जुड़े व्यापक राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।
बीजद लगातार सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष अपने कार्यक्रमों को विकास और जनकल्याण से जोड़कर प्रस्तुत कर रहा है। ऐसे में सुजाता का ताजा बयान दोनों दलों के बीच जारी राजनीतिक बहस में एक और मुद्दा जोड़ता है।
नाई भारत | भुवनेश्वर | 2 अक्टूबर 2026

