जगमोहन मीणा के बाद भुवनेश्वर पुलिसिंग नए चरण में, अब अगली कमान पर नजर

नेतृत्व परिवर्तन के बीच राजधानी में पुलिसिंग की निरंतरता, आगामी त्योहारों की सुरक्षा और शहरी कानून-व्यवस्था बनी प्रमुख प्राथमिकता

भुवनेश्वर — भुवनेश्वर पुलिस प्रशासन में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब एक नए चरण में पहुंच गई है। जगमोहन मीणा के डीसीपी पद से अलग होने के बाद राजधानी की पुलिस व्यवस्था अगले नेतृत्व की ओर बढ़ रही है, जबकि शहर की रोजमर्रा की सुरक्षा जिम्मेदारियां लगातार जारी हैं।

2013 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा का इस्तीफा 11 सितंबर 2026 से प्रभावी होने के साथ स्वीकार किया गया। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने 19 सितंबर को उन्हें विदाई दी।

मीणा के जाने का प्रशासनिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि डीसीपी का पद राजधानी की पुलिसिंग व्यवस्था के कई हिस्सों से जुड़ा रहता है। अपराध की निगरानी, थानों के बीच समन्वय, यातायात प्रबंधन, आपात प्रतिक्रिया और बड़े आयोजनों की सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां अधिकारी के बदलने के बावजूद चलती रहती हैं।

अब सरकार के सामने अगली व्यवस्था तय करने का विषय है। हाल की रिपोर्टों में नियमित डीसीपी नियुक्ति के साथ-साथ अंतरिम व्यवस्था की संभावना का भी उल्लेख किया गया है।

आने वाला त्योहारी मौसम इस बदलाव को व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजनों के दौरान राजधानी में भीड़ का दबाव बढ़ता है। यातायात नियंत्रण, सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और आपात स्थिति में त्वरित पहुंच के लिए पहले से विस्तृत योजना की आवश्यकता होती है।

मीणा ने मार्च 2025 में भुवनेश्वर डीसीपी का पद संभाला था। इससे पहले वे मलकानगिरी, अंगुल और गंजाम में पुलिस अधीक्षक तथा कटक में डीसीपी के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके थे।

अपने इस्तीफे के समय मीणा ने इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया था और निजी विषयों पर गोपनीयता बनाए रखने का अनुरोध किया था। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अब उनका आईपीएस कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।

राजधानी के नागरिकों के लिए इस बदलाव का सबसे सीधा सवाल यह है कि पुलिस की रोजमर्रा की सेवाओं में निरंतरता कैसे बनी रहती है। थानों में शिकायतों की सुनवाई, अपराध जांच, यातायात व्यवस्था, आपातकालीन सहायता और सार्वजनिक कार्यक्रमों की सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां नेतृत्व परिवर्तन से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

भुवनेश्वर तेजी से फैलता हुआ शहरी क्षेत्र है और इसके साथ पुलिसिंग की जरूरतें भी बदल रही हैं। साइबर अपराध से लेकर यातायात दबाव, बड़े सार्वजनिक आयोजन और नागरिकों की त्वरित पुलिस सहायता की अपेक्षा तक कई विषय एक साथ पुलिस प्रशासन के सामने हैं।

जगमोहन मीणा को दी गई विदाई उनके कार्यकाल का समापन है। लेकिन राजधानी की पुलिसिंग का अगला अध्याय अब शुरू हो रहा है।

इस बदलाव के दौरान सबसे महत्वपूर्ण कसौटी यही रहेगी कि नेतृत्व बदलने के बावजूद भुवनेश्वर में पुलिस की मौजूदगी, प्रतिक्रिया क्षमता और नागरिक सेवा व्यवस्था कितनी सहजता से आगे बढ़ती है।

NAI BHARAT NEWS DESK
20 सितंबर 2026