अहिंसा, शांति और सहिष्णुता के गांधीवादी विचारों को बताया आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत
गांधी जयंती के अवसर पर ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और आदर्शों को याद किया।
पटनायक ने अपने संदेश में महात्मा गांधी को शांति और अहिंसा के प्रमुख प्रवर्तकों में से एक बताते हुए कहा कि उनके सिद्धांत किसी एक समाज, धर्म या देश तक सीमित नहीं हैं। गांधी का जीवन और उनका संदेश आज भी व्यापक स्तर पर लोगों को प्रभावित करता है।
उन्होंने विशेष रूप से अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रति गांधी के समर्पण को स्मरण किया। पटनायक के अनुसार, गांधी के ये आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देते रहेंगे।

2 अक्टूबर को पूरे देश में गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी की भूमिका और उनके अहिंसक संघर्ष की विरासत को याद करने का अवसर भी माना जाता है।
महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्याग्रह और अहिंसा को राजनीतिक संघर्ष के प्रमुख माध्यमों के रूप में आगे बढ़ाया। उनके विचारों का प्रभाव भारत से बाहर भी विभिन्न सामाजिक और नागरिक अधिकार आंदोलनों तक देखा गया।
नवीन पटनायक का संदेश गांधी के उन मूल्यों पर केंद्रित रहा, जिन्हें वे आज भी सार्वजनिक जीवन और समाज के लिए प्रासंगिक मानते हैं।
नाई भारत | भुवनेश्वर | 2 अक्टूबर 2026

